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Fri. Oct 23rd, 2026

*सिंहपोखरिया-कुमारडुंगी सड़क की मरम्मत की मांग, सुनील सिरका ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन* *जर्जर सड़क और रात में भारी वाहनों के परिचालन पर जताई चिंता, अविलंब कार्रवाई की मांग*

चाईबासा: झारखंड आंदोलनकारी सुनील सिरका ने शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सिंहपोखरिया से कुमारडुंगी भाया बलंडिया सड़क की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और रात के समय इस मार्ग पर भारी वाहनों के अवैध परिचालन पर रोक लगाने की मांग की।

सुनील सिरका ने कहा कि पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली यह सड़क पिछले 15-16 वर्षों से मरम्मत के अभाव में बदहाल हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में क्षमता से अधिक भारी वाहन, खासकर लौह अयस्क लदे ट्रक, इस मार्ग से गुजरते हैं। उनके अनुसार, यह सड़क ऐसे भारी वाहनों के परिचालन के लिए निर्धारित नहीं है, जिससे सड़क को नुकसान पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि इस मार्ग से प्रतिदिन स्थानीय वाहनों के साथ ओडिशा क्षेत्र और मझगांव, कुमारडुंगी, बेनीसागर, खैरपाल, जैतगढ़ तथा रांची से भुवनेश्वर के बीच चलने वाली अंतरराज्यीय बसें भी गुजरती हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इससे स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

सुनील सिरका ने राज्य सरकार पर जनता की बुनियादी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे परिवहन एवं राजस्व मंत्री दीपक बिरुवा का पैतृक गांव सिंदरीगौरी और उनका आवास स्थित है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होना चिंता का विषय है।

उन्होंने उपायुक्त से सड़क का निरीक्षण कराकर उच्चस्तरीय मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम शुरू कराने की मांग की। साथ ही रात में चलने वाले भारी वाहनों की जांच कर नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।

चाईबासा: झारखंड आंदोलनकारी सुनील सिरका ने शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सिंहपोखरिया से कुमारडुंगी भाया बलंडिया सड़क की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और रात के समय इस मार्ग पर भारी वाहनों के अवैध परिचालन पर रोक लगाने की मांग की।

सुनील सिरका ने कहा कि पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली यह सड़क पिछले 15-16 वर्षों से मरम्मत के अभाव में बदहाल हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में क्षमता से अधिक भारी वाहन, खासकर लौह अयस्क लदे ट्रक, इस मार्ग से गुजरते हैं। उनके अनुसार, यह सड़क ऐसे भारी वाहनों के परिचालन के लिए निर्धारित नहीं है, जिससे सड़क को नुकसान पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि इस मार्ग से प्रतिदिन स्थानीय वाहनों के साथ ओडिशा क्षेत्र और मझगांव, कुमारडुंगी, बेनीसागर, खैरपाल, जैतगढ़ तथा रांची से भुवनेश्वर के बीच चलने वाली अंतरराज्यीय बसें भी गुजरती हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इससे स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

सुनील सिरका ने राज्य सरकार पर जनता की बुनियादी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे परिवहन एवं राजस्व मंत्री दीपक बिरुवा का पैतृक गांव सिंदरीगौरी और उनका आवास स्थित है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होना चिंता का विषय है।

उन्होंने उपायुक्त से सड़क का निरीक्षण कराकर उच्चस्तरीय मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम शुरू कराने की मांग की। साथ ही रात में चलने वाले भारी वाहनों की जांच कर नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।

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