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*चिड़िया खदान के ठेका श्रमिक की मौत पर उठे सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग* *दांत निकालने के बाद रक्तस्राव और राउरकेला में इलाज के दौरान हुई थी मौत, मृतक के आश्रित को रोजगार देने की मांग*

चाईबासा: सेल की चिड़िया खदान में कार्यरत ठेका श्रमिक महेश हरिजन की अप्रैल महीने में इलाज के दौरान हुई मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और मृतक के एक आश्रित को रोजगार देने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में सेल के कार्यपालक निदेशक से शिकायत भी की है।

रामा पाण्डे के अनुसार, अप्रैल में चिड़िया अस्पताल में दंत चिकित्सक डॉ. सक्षम कुमार ने महेश हरिजन का दांत निकाला था। इसके बाद उसके मुंह से रक्तस्राव होने लगा। बाद में उसे राउरकेला के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रामा पाण्डे ने आशंका जताई कि दांत निकालने के बाद संक्रमण या किसी अन्य चिकित्सकीय जटिलता के कारण उसकी स्थिति बिगड़ी हो सकती है। उन्होंने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

*दंत चिकित्सक ने दी सफाई*

दंत चिकित्सक डॉ. सक्षम कुमार ने बताया कि दांत निकालने से पहले मरीज के ब्लड शुगर, रक्तचाप और रक्त से संबंधित आवश्यक जांच की गई थी। दांत निकालने के बाद रक्तस्राव की शिकायत पर मरीज को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया था। उपचार के बाद रक्तस्राव बंद हो गया था। कुछ दिनों बाद मरीज दोबारा रक्तस्राव की शिकायत लेकर आया। इस बार उसके ऊपर के दांत से खून निकल रहा था। उन्होंने बताया कि मरीज को किसी अन्य बीमारी की आशंका के मद्देनजर दूसरे अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी गई थी। बाद में राउरकेला में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉ. सक्षम कुमार ने कहा कि मौत का कारण दांत निकालने की प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि कोई दूसरी बीमारी थी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

*मेल वार्ड में महिला मरीजों को भर्ती करने पर सवाल*

रामा पाण्डे ने चिड़िया अस्पताल के मेल वार्ड में महिला मरीजों को भर्ती करने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने महिला मरीजों के लिए अलग वार्ड और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीजों की निजता, सुविधा और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए।

इस पर अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि फिलहाल मेल वार्ड में महिला मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है। हालांकि, महिला मरीजों के बेड को घेरकर अलग रखने की व्यवस्था की गई है। प्रबंधन के अनुसार, अस्पताल के अन्य वार्डों में रिनोवेशन का काम चल रहा है। इसके कारण अलग-अलग वार्डों की व्यवस्था प्रभावित हुई है। पहले महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग वार्ड थे, लेकिन फिलहाल जगह की कमी के कारण मौजूदा व्यवस्था में इलाज किया जा रहा है। रिनोवेशन का काम पूरा होने के बाद पहले की तरह अलग-अलग वार्ड की व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।

रामा पाण्डे ने महेश हरिजन की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने, मामले की वास्तविकता सामने लाने और मृतक के एक आश्रित को रोजगार देने की मांग दोहराई है। अब इस मामले में प्रबंधन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर है।

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