चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित शंकराचार्य मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड में ग्राहकों से वाहन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। गितीलीपी चौक स्थित कंपनी के दो कर्मचारियों पर ग्राहकों से रकम वसूलने और कंपनी के साथ वित्तीय धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। मामले में कंपनी के प्रतिनिधि महेश कुमार चौहान की शिकायत पर चाईबासा मुफ्फसिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिकी में कंपनी के पूर्व सेल्स मैनेजर विदेश राय, पिता विनय राय, निवासी जामियारा, बांँकुरा, पश्चिम बंगाल और सेल्स पर्सन अभिषेक कुमार सिंह, पिता मोहन कुमार सिंह, निवासी आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां को आरोपी बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, दोनों कर्मचारी कंपनी में कार्यरत रहते हुए ग्राहकों को वाहन उपलब्ध कराने का भरोसा देते थे और इस नाम पर उनसे पैसे लेते थे। आरोप है कि इस प्रक्रिया में कंपनी के साथ भी वित्तीय अनियमितता की गई।
कंपनी को कथित गड़बड़ी की जानकारी 14 मार्च 2026 को मिली। इसके बाद मामले की आंतरिक जांच और वित्तीय लेनदेन का सत्यापन कराया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आईं। हालांकि, कथित धोखाधड़ी में कुल कितनी राशि का लेनदेन हुआ, इसका विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
सत्यापन के बाद दोनों कर्मचारियों से संपर्क नहीं होने का आरोप
प्राथमिकी में कहा गया है कि आंतरिक सत्यापन के बाद दोनों कर्मचारियों ने कंपनी में आना बंद कर दिया और उनसे संपर्क स्थापित करना भी मुश्किल हो गया। उनके मोबाइल फोन बंद होने की बात भी शिकायत में कही गई है। वहीं, जिन ग्राहकों से वाहन दिलाने के नाम पर रकम लिए जाने का आरोप है, वे अपनी राशि वापस मांग रहे हैं। इससे कंपनी के समक्ष भी परेशानी उत्पन्न होने की बात कही गई है।
कंपनी की ओर से संबंधित दस्तावेजों के साथ पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई। इसके आधार पर मुफ्फसिल थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 316(4), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, वित्तीय लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की पुष्टि और दोनों आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

