चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र में कथित अवैध लौह अयस्क खनन और नाबालिग बच्चियों से काम कराने के मामले को लेकर पूर्व मंत्री एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने पुलिस प्रशासन, खनन विभाग, वन विभाग और झारखंड सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बुधवार को अपने आवासीय कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन करने वालों को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है और संबंधित विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
गागराई ने बताया कि मंगलवार को जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उनके सहयोगियों ने नोवामुंडी थाना क्षेत्र के कांडेनाला में कथित अवैध खनन की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकित कुमार साहू और बेम्बेडी से जुड़े प्लॉटों में लौह अयस्क का भंडार है और वहां छोटी-छोटी बच्चियों से माल ढुलाई सहित अन्य काम कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों से इस तरह काम कराना गंभीर मामला है। प्रशासन को इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने अंकज कुमार और राकेश कुमार के प्लॉटों में भी कथित अवैध खनन होने का आरोप लगाया। गागराई के अनुसार, इन स्थानों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में लौह अयस्क की अवैध आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने पुलिस पर परिवहन को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि यह गतिविधियां जारी हैं, तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
पूर्व मंत्री ने वन विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में बड़े-बड़े पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन, खनन विभाग और वन विभाग की कथित मिलीभगत के कारण अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने झारखंड सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
गागराई ने कहा कि जिले में 40 खदानें बंद होने के कारण स्थानीय युवा रोजगार के लिए परेशान हैं और पलायन करने को मजबूर हैं। ऐसे में कथित अवैध खनन का जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन पर जल्द रोक नहीं लगी और बच्चों से काम कराने के मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों से मिलकर मामले की शिकायत की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

