चाईबासा: जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा ने उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। आयोग ने वेलफेयर बिल्डिंग एंड एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दायर छह मामलों का निष्पादन किया है। इन सभी मामलों में विपक्षी पक्ष के विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित किया गया। आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, वेलफेयर बिल्डिंग एंड एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सभी छह मामले फरवरी 2026 में दायर किए गए थे। आयोग ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत इन मामलों की सुनवाई करते हुए उनका निष्पादन किया।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निवारण सुनिश्चित करने का प्रावधान है। इसी उद्देश्य से आयोग लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का प्रयास कर रहा है। कम समय में छह मामलों का निष्पादन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एकपक्षीय कार्यवाही का अर्थ है कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बाद विपक्षी पक्ष के उपस्थित नहीं होने या अपना जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में आयोग उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय करता है। हालांकि, प्रत्येक मामले में उपभोक्ता को मिली राहत और आदेश की प्रकृति संबंधित निर्णय पर निर्भर करती है।
आयोग का उद्देश्य केवल लंबित मामलों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें प्रभावी न्यायिक राहत उपलब्ध कराना भी है। समय पर मामलों का निष्पादन होने से उपभोक्ताओं को अनावश्यक देरी से राहत मिलती है।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के अनुरूप उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित निष्पादन और आम लोगों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।

