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थानेदारों के फोन न उठाने पर गरमायी सियासत, भाजपा ने पूछा- मुसीबत में जनता आखिर किसे फोन करे?

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम में पुलिस और आम जनता के बीच संपर्क व्यवस्था को लेकर मंगलवार को सियासी हलचल तेज हो गयी। झारखंड प्रदेश भाजपा ने जमशेदपुर के थानों में सरकारी फोन पर थानेदारों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर हमला बोला है। भाजपा ने अपने आधिकारिक पोस्ट में दावा किया कि शहर के 17 थानों में 11 थाना प्रभारियों के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बावजूद फोन का जवाब नहीं मिला।

भाजपा ने इस स्थिति को पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल बताते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति को आपात स्थिति में अपने नजदीकी थाने से मदद की जरूरत पड़े और थाना प्रभारी से ही संपर्क नहीं हो सके, तो ऐसी व्यवस्था में आम नागरिक अपनी शिकायत लेकर कहां जायेगा। पार्टी ने जमशेदपुर में लगातार सामने आ रही हत्या, छिनतई और हमले जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया।

भाजपा की ओर से सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में सरकार पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा गया कि राज्य की जनता अपराध और अव्यवस्था को देख रही है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठायी।

इधर, मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी थाना प्रभारियों की फोन उपलब्धता को लेकर सख्ती दिखायी है। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी मोबाइल नंबर 24 घंटे चालू रहना चाहिए और आम लोगों के फोन आने पर उन्हें जवाब दिया जाना चाहिए। पुलिस प्रशासन के इस निर्देश के बाद अब थाना स्तर पर सरकारी नंबरों की निगरानी और फोन रिस्पांस व्यवस्था को लेकर गंभीरता बढ़ने की उम्मीद है।

दरअसल, किसी भी वारदात के बाद पुलिस तक पहुंचने का सबसे पहला माध्यम थाना ही होता है। ऐसे में थाना प्रभारी का सरकारी नंबर जनता के लिए महज एक फोन नंबर नहीं, बल्कि जरूरत के समय पुलिस सहायता तक पहुंचने का सीधा जरिया होता है। यही वजह है कि फोन नहीं उठने की शिकायत ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बहस छेड़ दी है।

अब देखना होगा कि एसएसपी के निर्देश के बाद शहर के सभी थानों में सरकारी फोन व्यवस्था कितनी प्रभावी होती है और संकट के समय आम नागरिकों को थाना प्रभारियों से तत्काल संपर्क की सुविधा मिल पाती है या नहीं।

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