रांची। उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। सूची में सबसे ज्यादा चर्चा झारखंड के वर्तमान राज्यपाल और बरेली के पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार के नाम को लेकर है। बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतारकर बरेली और रुहेलखंड की राजनीति में एक नया संदेश देने की कोशिश की है।
श्रुति गंगवार के नाम की घोषणा के बाद बरेली समेत पूरे रुहेलखंड क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं। पार्टी के इस फैसले को संतोष गंगवार के लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बीजेपी ने अनुभवी नेता के परिवार को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देकर संगठन के प्रति उनकी भूमिका और योगदान को भी सम्मान देने का प्रयास किया है।
श्रुति गंगवार लंबे समय से बरेली की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की चेयरमैन के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली है। पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता को देखते हुए बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा के लिए उपयुक्त चेहरा माना है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार श्रुति गंगवार की उम्मीदवारी के जरिए बीजेपी बरेली और आसपास के इलाकों में सामाजिक समीकरण को मजबूत करने के साथ युवा और महिला नेतृत्व को भी आगे बढ़ाने का संदेश देना चाहती है। राज्यसभा चुनाव में उनकी उम्मीदवारी से क्षेत्रीय राजनीति में संतोष गंगवार के प्रभाव को भी नए सिरे से चर्चा मिली है। बीजेपी की उम्मीदवार सूची सामने आने के बाद अब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों की रणनीति पर भी सभी की निगाहें टिक गयी हैं।

