जमशेदपुर। टाटानगर से अमृतसर के बीच चलने वाली जलियांवाला बाग एक्सप्रेस (18103/18104) को कोहरे के कारण लगातार पांचवें वर्ष रद्द किये जाने के फैसले के खिलाफ सिख समाज ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। रेलवे ने 2 दिसंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक इस ट्रेन का परिचालन स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले को लेकर रविवार को साकची स्थित सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) कार्यालय में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में रेलवे के निर्णय के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की गयी।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कोहरे के दौरान कई लंबी दूरी की ट्रेनें नियमित रूप से चलती रहती हैं, लेकिन सप्ताह में महज दो दिन संचालित होने वाली जलियांवाला बाग एक्सप्रेस को हर साल बंद कर दिया जाता है। इससे झारखंड, बिहार और आसपास के क्षेत्रों से पंजाब जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी होती है। वक्ताओं ने ट्रेन का परिचालन बंद करने के बजाय इसके फेरे बढ़ाने और टाटानगर से पंजाब के लिए नई ट्रेन चलाने की मांग की।
सीजीपीसी प्रधान सरदार भगवान सिंह ने कहा कि लगातार पांचवें साल ट्रेन को रद्द किये जाने से सिख समाज में गहरी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि समाज इस मुद्दे पर एकजुट है और रेलवे के फैसले के खिलाफ हर स्तर पर आवाज उठायी जायेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन के बाद रेल चक्का जाम जैसा कदम भी उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जेल जाने की स्थिति आयी तो वे सबसे आगे रहेंगे।
सीजीपीसी महासचिव अमरजीत सिंह ने कहा कि जलियांवाला बाग एक्सप्रेस सप्ताह में केवल दो दिन चलती है। ऐसे में इसके परिचालन को बंद करने का कोई औचित्य नहीं है। रेलवे को यात्रियों की परेशानी को देखते हुए ट्रेन के फेरे बढ़ाने चाहिए। सीजीपीसी चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सांसद विद्युत वरण महतो ने आंदोलन को समर्थन दिया है और रेल मंत्री से इस मामले में बातचीत करने का आश्वासन दिया है।
दक्षिण पूर्व रेलवे के एजीएम मनीष जैन को मांग पत्र सौंपा जायेगा। इसके बाद 7 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल चक्रधरपुर जाकर डीआरएम तरुण हुरिया से मुलाकात करेगा। सीजीपीसी ने कहा कि दोनों स्तरों पर वार्ता के बाद भी रेलवे ने निर्णय वापस नहीं लिया तो दुर्गापूजा के तुरंत बाद आंदोलन तेज किया जायेगा।
बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह, भाजपा नेता मनजीत सिंह गिल, जदयू महासचिव कुलविंदर सिंह पन्नू, गौतम बोस, निर्मल दास, राजकुमार दास सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। बैठक की शुरुआत अरदास से हुई। संचालन अमरजीत सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन परविंदर सिंह सोहल ने किया।

