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Fri. Oct 2nd, 2026

ढीपासाई अरण्य में मृत मिली हथिनी, एक साल में सात हाथियों की मौत से बढ़ी चिंता

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों की लगातार हो रही मौत का सिलसिला चिंता का कारण बन गया है। शुक्रवार को भनगांव बाजार के समीप ढीपासाई अरण्य में एक हथिनी का शव मिलने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जंगल में हथिनी का शव देखे जाने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। बाद में वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद अधिकारियों और वनकर्मियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह कुछ ग्रामीण जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक स्थान पर पड़ी हथिनी पर गई। नजदीक जाकर देखने पर उसके मृत होने की जानकारी हुई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर शव और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया तथा मौत से जुड़े संभावित कारणों की जांच शुरू की।

हथिनी की मौत कैसे हुई, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है। वन विभाग की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। प्राकृतिक कारण या बीमारी के अलावा शिकार, जहरीला पदार्थ अथवा किसी अन्य संदिग्ध परिस्थिति की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है।

स्थानीय ग्राम मुंडा राम जीवन बेहरा के अनुसार, जिस स्थान पर हथिनी का शव मिला है, उसके आसपास बिजली के तार या विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में करंट लगने की संभावना कम बताई जा रही है। हालांकि वन विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहा है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

इधर, पिछले एक वर्ष में इस इलाके में करीब सात हाथियों की मौत होने की जानकारी सामने आने के बाद वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता और बढ़ गई है। जगन्नाथपुर और आसपास के जंगल हाथियों के नियमित आवागमन वाले क्षेत्र हैं। हाथियों के झुंड कई बार आबादी वाले इलाकों में भी पहुंचते रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की फसलों और मकानों को नुकसान हुआ है। लगातार हाथियों की मौत से स्थानीय ग्रामीणों के साथ वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों में भी चिंता है। वन विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हथिनी की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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