जमशेदपुर। गोलमुरी स्थित कैनरा बैंक में दिनदहाड़े हुई डकैती की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे वारदात से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हथियारबंद अपराधियों के एक संगठित गिरोह ने बैंक में धावा बोलकर करीब 42 लाख रुपये नकद और लगभग 20 किलो सोने के आभूषण लूट लिए। घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए जांच तेज कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बैंक में वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों की संख्या का भी पता चल गया है। अपराधियों ने बैंक में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों को हथियार के बल पर अपने कब्जे में लेकर लूट की घटना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि वारदात के दौरान अपराधियों ने बैंक के अंदर काफी देर तक उत्पात मचाया और नकदी के साथ लॉकर में रखे सोने के आभूषण भी अपने कब्जे में ले लिए।
घटना के बाद बैंक परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच में पुलिस को अपराधियों की गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण फुटेज हाथ लगी है। सीसीटीवी फुटेज में कई अपराधियों के चेहरे काफी हद तक साफ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान लगभग कर ली गई है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही डकैती में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है।
डकैती की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने अपराधियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए विशेष टीम का गठन किया है। टीम में पुलिस के अलग-अलग अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। विशेष टीम संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस अपराधियों के भागने के संभावित रास्तों और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है। जिले की सीमाओं के साथ प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों पर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और संदिग्धों से जुड़े पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अपराधियों को बैंक में मौजूद बड़ी रकम और सोने के आभूषणों की जानकारी कैसे मिली। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वारदात से पहले अपराधियों ने बैंक की रेकी की थी या नहीं। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता अपराधियों को जल्द गिरफ्तार करने के साथ लूटे गए नकद और सोने की बरामदगी करना है।

