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Fri. Jul 31st, 2026

घर बचाने की लड़ाई में सड़क पर उतरे बस्तीवासी, पुनर्वास की मांग को लेकर शुरू किया प्रदर्शन

जमशेदपुर। मानगो थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड और बैकुंठनगर स्थित सुवर्णरेखा नदी किनारे बसे परिवारों ने अपने आशियाने को बचाने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने का अंतिम नोटिस मिलने के बाद शुक्रवार को बस्तीवासियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और सरकार से पहले पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए किसी भी परिवार को बेघर करना उचित नहीं होगा।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। उनका दावा है कि वे नियमित रूप से मानगो नगर निगम को होल्डिंग टैक्स और पानी टैक्स का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद अब उन्हें अवैध अतिक्रमणकारी बताकर घर खाली करने का निर्देश दिया जा रहा है, जिससे दर्जनों परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

मानगो अंचल कार्यालय ने गुरुद्वारा रोड और बैकुंठनगर में सुवर्णरेखा नदी किनारे बने करीब 50 से 60 मकानों को हटाने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस में संबंधित लोगों को 4 अगस्त 2026 तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के बाद दंडाधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि सुवर्णरेखा नदी के किनारे बने ये मकान सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की श्रेणी में आते हैं। नदी के चौड़ीकरण और तट पर पिचिंग कार्य को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र को खाली कराना आवश्यक है। अंचल कार्यालय के अनुसार मामले में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 सितंबर 2024 को अंतिम आदेश पारित किया गया था और 14 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। आदेश का पालन नहीं होने पर 14 दिसंबर 2024 को दोबारा नोटिस जारी किया गया, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद अब अंतिम नोटिस जारी किया गया है।

इधर, प्रदर्शन कर रहे बस्तीवासियों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि यदि विकास कार्यों के लिए उन्हें हटाना आवश्यक है तो पहले सभी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, रहने की वैकल्पिक व्यवस्था, आजीविका और बच्चों की शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि पुनर्वास के बिना किसी भी कीमत पर अपने घर नहीं छोड़ेंगे और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।

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