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पुलहातु में उरांव समाज की बैठक, 2 मई को मनाया जाएगा जेठ जतरा पर्व

चाईबासा: पुलहातु स्थित कुड़ुख सामुदायिक भवन में आदिवासी उरांव समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष संचू तिर्की ने की। बैठक में उरांव समाज के पारंपरिक और ऐतिहासिक त्योहार जेठ जतरा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष जेठ जतरा पर्व 2 मई 2026, शनिवार को मनाया जाएगा, जबकि इसके एक दिन पूर्व 1 मई 2026, शुक्रवार को जागरण किया जाएगा। यह त्योहार प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को मनाया जाता है।

अध्यक्ष संचू तिर्की और सचिव अनिल लकड़ा ने बताया कि जेठ जतरा उरांव समाज के पूर्वजों की वीरगाथा से जुड़ा हुआ पर्व है। उन्होंने कहा कि रोहतासगढ़ किले पर हुए आक्रमण के दौरान पूर्वजों ने बहादुरी से मुकाबला कर विजय प्राप्त की थी, जिसके उपलक्ष्य में नृत्य और संगीत के साथ उत्सव मनाया गया था। उसी परंपरा को आज भी समाज के लोग उत्साहपूर्वक निभा रहे हैं।

उपसचिव लालू कुजूर ने समाज के लोगों से इस ऐतिहासिक पर्व को पूरे नेग-नियम और धूमधाम से मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज को एकजुटता और संघर्ष की प्रेरणा देता है।

बैठक में उरांव समाज के स्थापना दिवस को लेकर भी चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी 30 जून 2026 को पिल्लई हॉल में स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। इस विषय पर विस्तृत चर्चा अगली बैठक में की जाएगी।

इस अवसर पर लाइब्रेरियन संजय कच्छप का स्वागत किया गया, जिन्हें रांची में आयोजित सक्कम सम्मान समारोह-2026 में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। समाज ने इसे गर्व की बात बताया और आगामी स्थापना दिवस पर उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया।

बैठक के अंत में मुख्य सलाहकार सहदेव किस्पोट्टा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। बैठक में दुर्गा खलखो, दिलीप बरहा, मंगल खलखो, भरत खलखो, भरत कुजूर, गणेश कच्छप, पंकज खलखो, महावीर बरहा, खुदिया कच्छप, बिष्णु मिंज, नरेश कुजूर, विजय बाड़ा, किरण नुनिया, सावित्री कच्छप, मालती लकड़ा, विजय टोप्पो, बंधन खलखो सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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