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पश्चिमी सिंहभूम में बिजली व्यवस्था पर सवाल, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने लगाए घोटाले के आरोप*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सह विधायक बड़कुंवर गागराई ने चाईबासा के जुबली तालाब स्थित कैफेटेरिया में आयोजित प्रेस वार्ता में विद्युत विभाग पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए।

बड़कुंवर गागराई ने कहा कि प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण योजनाएं ग्रामीण विद्युतीकरण और शहरी विद्युतीकरण के तहत वर्ष 2018 से 2026 तक जिले में लगभग 10 एजेंसियों ने काम किया, लेकिन आज भी बिजली की समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में बड़े स्तर पर घोटाला चल रहा है और बिना कार्य पूर्ण हुए ही कागजों में काम पूरा दिखाकर भुगतान कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी गांव में कार्य पूर्ण होने के बाद थर्ड पार्टी से जांच कर जीएमसी (GMC) बनाया जाता है, लेकिन इस प्रक्रिया में भी पैसों का खेल होता है। विभाग पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी मस्त हैं, जबकि आम जनता परेशान है। एक ही उपभोक्ता के यहां अलग-अलग एजेंसियों द्वारा बार-बार मीटर बदलना आम बात हो गई है, लेकिन समय पर सही बिजली बिल देना विभाग की जिम्मेदारी नहीं निभाई जा रही है।

बड़कुंवर गागराई ने बताया कि वर्तमान में लेनारसी और पवानी पावर नामक एजेंसियां जिले में काम कर रही हैं। लेनारसी को करीब 200 करोड़ और पवानी पावर को 80 करोड़ रुपये का काम दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में केवल 30 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है, जबकि कागजों में 50 प्रतिशत से अधिक कार्य दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो यह घोटाला चारा घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है।

प्रेस वार्ता में चाईबासा के सेन टोला की विद्युत उपभोक्ता रीना देवी ने भी अपनी समस्या रखी।

उन्होंने बताया कि पहले उनके घर गलत नाम से बिजली बिल आता था, जिसे ठीक कराने में करीब डेढ़ साल लग गया। इसके बाद एक साथ भारी भरकम बिल भेज दिया गया।

रीना देवी ने कहा कि सरकार की योजना के अनुसार 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त है, लेकिन उनके घर में इतना उपयोग नहीं होने के बावजूद 45 हजार रुपये का बिल बना दिया गया। बिल का भुगतान नहीं होने पर उनका बिजली कनेक्शन काट दिया गया। उन्होंने बताया कि 10 हजार रुपये जमा करने के बावजूद कनेक्शन बहाल नहीं किया गया और अधिक राशि लाने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में उनके घर के बच्चे बिना बिजली के परेशान हैं और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, लेकिन विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

इस दौरान बड़कुंवर गागराई ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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