गुवा।पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित नोवामुंडी प्रखंड के गुवा क्षेत्र में विस्थापन के मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। शुक्रवार को सांसद जोबा माझी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर विस्थापित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान झामुमो जिलाध्यक्ष सोनाराम देवगम, जिला सचिव राहुल आदित्य, प्रवक्ता बुधराम लागुरी, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी और स्थानीय मुखिया चाँदमनी लागुरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
गुवा पहुंचने पर स्थानीय लोगों और झामुमो कार्यकर्ताओं ने सांसद का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद आयोजित बैठक में विस्थापित परिवारों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उनके पूर्वजों ने वर्षों की मेहनत से इस क्षेत्र को बसाया और विकसित किया, लेकिन अब नई परियोजनाओं के नाम पर उन्हें अपने ही घरों से बेदखल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि उन्हें घर के बदले घर दिया जाए और सर्वे से वंचित रह गए परिवारों को भी सूची में शामिल किया जाए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जबरन विस्थापन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे। इस पर सांसद जोबा माझी ने विस्थापितों का समर्थन करते हुए सेल प्रबंधन पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सांसद ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लाठी-बल के जरिए विस्थापन की कोशिश की गई तो इसका जोरदार विरोध होगा। उन्होंने यह भी कहा कि गुवा के विस्थापित उनके अपने परिवार के समान हैं और उन्हें बेघर नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को संसद में उठाने के साथ-साथ खनिज परिवहन को बाधित करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
जोबा माझी ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें विस्थापितों की समस्याओं और मांगों को प्राथमिकता के साथ रखा जाएगा। बैठक में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विस्थापितों के समर्थन में अपनी बात रखी और समाधान की दिशा में ठोस पहल की मांग की।
इस मौके पर बामिया माझी, मानकी लागुरा देवगम, मोहम्मद तबारक, अभिषेक सिंकु सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों के लोग उपस्थित रहे।

