जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला स्थित सोना देवी विश्वविद्यालय में गुरुवार को नशा मुक्ति को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान जिला पुलिस, सिविल डिफेंस और सामाजिक संस्था मेराकी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह, मेराकी संस्था की सचिव रीता पात्रो, सिविल डिफेंस के डिप्टी चीफ दया मिश्रा, घाटशिला थाना प्रभारी राजेंद्र मुंडा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत संबोधन के साथ हुई।
इस दौरान ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने मित्रों तथा परिवार के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस द्वारा लगातार स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि युवाओं को सही दिशा दी जा सके।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने नशे के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि कैसे नशा मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से व्यक्ति को कमजोर कर देता है। साथ ही छात्रों को यह भी जानकारी दी गई कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की चपेट में है, तो उसकी मदद कैसे की जा सकती है।
मेराकी संस्था की ओर से छात्रों को नशा मुक्ति से संबंधित शपथ दिलाई गई और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प कराया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने खुलकर अपने सवाल रखे और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया।
इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करना और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त समाज की दिशा में प्रेरित करना रहा।

