चांडिल। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत गुंडा गांव में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार तड़के करीब 4 बजे एक अकेला हाथी गांव में घुस आया और जमकर उत्पात मचाया। अचानक हुई इस घटना से गहरी नींद में सो रहे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने गांव में घुसते ही कई घरों को निशाना बनाया। राधा नाथ महतो, कृष्ण महतो, हरिपद महतो और मिलन महतो के घरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। कच्चे मकानों की दीवारें ढह गईं और घर में रखे अनाज, बर्तन एवं अन्य सामान भी नष्ट हो गए। इसके अलावा हाथी ने खेतों में लगी सब्जियों और अन्य फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।
घटना के दौरान ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए मशाल जलाकर, ढोल-नगाड़े और शोर-शराबा कर किसी तरह हाथी को गांव से खदेड़कर जंगल की ओर भगाया। हालांकि, हाथी के अचानक हमले से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग रात में जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ी है, लेकिन वन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया है। विभाग द्वारा प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए, गांवों में चेतावनी प्रणाली विकसित की जाए और स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

