जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद 26 वर्षीय मेहंदी कुमारी टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) के बर्न यूनिट में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है, जबकि उसका परिवार अब भय और आर्थिक संकट के दोहरे दबाव में जीने को मजबूर है। घटना 6 अप्रैल की शाम की बताई जा रही है, जब जमशेदपुर हाई स्कूल और टाटा फुटबॉल अकादमी के सामने स्थित बजरंग चाय दुकान पर कुछ युवकों ने बर्बरता की हद पार कर दी।
परिजनों के अनुसार, उस दिन छह से सात युवक एक कार से दुकान पर पहुंचे, जिस पर कमल फूल का झंडा लगा हुआ था। उन्होंने उधार में चाय मांगी। चाय देने में थोड़ी देर होने पर वे गाली-गलौज पर उतर आए और देखते ही देखते पूरे परिवार के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने दुकान में तोड़फोड़ की और फिर भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ। आरोप है कि उन्होंने खौलती हुई चाय मेहंदी कुमारी के ऊपर उंडेल दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई।
घटना के बाद मेहंदी को तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह गंभीर हालत में इलाजरत है। परिवार का कहना है कि इलाज का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। इसी बीच, आरोपियों की ओर से लगातार फोन कर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाया जा रहा है। मेहंदी की मां चिंता देवी ने बताया कि उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और अस्पताल तक में आकर मुकदमा वापस लेने के लिए कहा जा रहा है। इससे पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ है।
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि एक ओर देश में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर चाय बेचकर परिवार चलाने वाली एक बेटी दरिंदगी का शिकार होकर जिंदगी के लिए जूझ रही है। उन्होंने लोगों से मेहंदी को न्याय दिलाने के लिए आगे आने की अपील की।
विकास सिंह ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक को दी है। पुलिस की ओर से आश्वासन दिया गया है कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
हालांकि, परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी की पहचान और तस्वीर होने के बावजूद गिरफ्तारी में देरी हो रही है, जिससे उन्हें यह आशंका सता रही है कि कहीं आरोपियों के रसूख के कारण कार्रवाई प्रभावित न हो। फिलहाल, मेहंदी कुमारी का परिवार उसकी जिंदगी बचाने और न्याय की उम्मीद में हर दिन संघर्ष कर रहा है।

