Breaking
Mon. Apr 6th, 2026

विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर टाटा पावर ने देशभर में प्रमुख कार्यालयों को नीली रोशनी से सजाया

जमशेदपुर। टाटा पावर ने समावेशन और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर देशभर में अपने प्रमुख कार्यालयों को नीली रोशनी से रोशन किया। यह पहल कंपनी के प्रमुख ‘पे ऑटेंशन’ अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य ऑटिज्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, न्यूरोडायवर्सिटी यानी विविध मानसिक क्षमताओं को स्वीकार करना और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम से जुड़े लोगों के प्रति समर्थन प्रदर्शित करना है।

सोमवार को टाटा स्टील द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है और राष्ट्रीय स्तर के अभियान के तहत टाटा पावर ने दिल्ली में टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन, मुंबई के कार्नैक, महालक्ष्मी और बोरीवली स्थित कार्यालयों के साथ-साथ ओडिशा में टीपीसीओडीएल, टीपीएनओडीएल, टीपीएसओडीएल और टीपीडब्ल्यूओडीएल जैसे प्रमुख परिचालन केंद्रों को नीली रोशनी से जगमगा दिया। इन सभी स्थानों पर एक साथ की गई यह पहल समावेशन का एक सशक्त और एकजुट संदेश देने में सफल रही।

ऑटिज्म जागरूकता के वैश्विक प्रतीक के रूप में नीली रोशनी का उपयोग केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं था, बल्कि यह समाज में ऑटिज्म के प्रति समझ, स्वीकार्यता और समान अवसरों को लेकर सार्थक संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम भी बना। विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ इस तरह की गतिविधि ने इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने और जागरूकता फैलाने का कार्य किया।

इस पहल को आगे बढ़ाते हुए टाटा पावर ने अप्रैल महीने को ऑटिज्म जागरूकता माह के रूप में मनाने की योजना बनाई है। इसके तहत पूरे महीने विभिन्न स्थानों पर कर्मचारी स्वयंसेवा, सामुदायिक पहुंच कार्यक्रम, जागरूकता सत्र और क्षमता निर्माण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य ऑटिज्म से जुड़े व्यक्तियों और उनके परिजनों के लिए सहयोगात्मक वातावरण को और मजबूत करना है।

‘पे ऑटेंशन’ अभियान के माध्यम से टाटा पावर एक समग्र और समावेशी सहयोग तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जो जागरूकता, पहुंच और देखभाल के बीच की दूरी को कम कर सके। जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यों और निरंतर संवाद के जरिए कंपनी अपने सामाजिक प्रभाव को व्यापक बनाते हुए एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान दे रही है, जहां हर व्यक्ति को आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने का समान अवसर मिल सके।

Related Post