राउरकेला/चाईबासा: उड़ीसा के राउरकेला में सुरक्षा बलों को उस समय बड़ी सफलता मिली जब पश्चिम सिंहभूम जिले की 19 वर्षीय महिला नक्सली मोगड़ी होनहागा ने सोमवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन से जुड़ी हुई थी और लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रही थी।
मोगड़ी होनहागा पश्चिम सिंहभूम के छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मरंग पंगा गांव की निवासी है। बताया जाता है कि वह माओवादी नेता अनमोल उर्फ सुशांत के संपर्क में आकर संगठन से जुड़ी थी। इसके बाद वह सारंडा क्षेत्र में सक्रिय हो गई और होलुंगहुली गांव में भर्ती अभियान चलाने तथा नए सदस्यों को प्रशिक्षण देने का काम कर रही थी।
जानकारी के अनुसार, 21 जनवरी को कुमडीह जंगल में हुई मुठभेड़ में भी वह शामिल थी, हालांकि उस दौरान वह अन्य नक्सलियों के साथ फरार हो गई थी। इसके अलावा सुंदरगढ़ जिले के बांको पत्थर खदान में हुए विस्फोटक लूट मामले में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है।
आत्मसमर्पण के बाद मोगड़ी होनहागा ने संगठन के भीतर की स्थिति को लेकर कई खुलासे किए। उसने बताया कि माओवादी संगठन में उसे मानसिक और शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ रहा था, जिससे वह परेशान थी। इसी दौरान उसे उड़ीसा सरकार की सरेंडर नीति की जानकारी मिली, जिसके बाद उसने संगठन छोड़ने का निर्णय लिया और गुप्त रूप से राउरकेला पुलिस से संपर्क किया।
इस मामले में डीआईजी बृजेश कुमार राय ने कहा कि सरकार की सरेंडर नीति के तहत मोगड़ी को सभी निर्धारित सुविधाएं और सहायता दी जाएगी। उन्होंने अन्य नक्सलियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
यह आत्मसमर्पण ऐसे समय में हुआ है जब सारंडा और आसपास के इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान तेज किया गया है। ऐसे में इसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

