जमशेदपुर। रामनवमी के अवसर पर शनिवार को जमशेदपुर में झंडा विसर्जन जुलूस उत्साह और कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया। पूरे शहर में प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए। मानगो, कदमा, परसुडीह, टेल्को और धातकीडीह जैसे क्षेत्रों को संवेदनशील मानते हुए यहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और लगातार निगरानी रखी गई।
दोपहर से ही विभिन्न अखाड़ा समितियों द्वारा शहर के अलग-अलग हिस्सों से जुलूस निकाले जाने लगे। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और आकर्षक झांकियों के साथ निकले इन जुलूसों में बच्चों, महिलाओं और कलाकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पारंपरिक युद्धकला के प्रदर्शन और धार्मिक झांकियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जगह-जगह सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शर्बत, फल और नाश्ते की व्यवस्था भी की गई।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से शहर में 1650 पुलिसकर्मियों और 313 दंडाधिकारियों की तैनाती की गई। इसके अलावा 340 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से पूरे आयोजन की निगरानी की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हुड़दंग, स्टंटबाजी या अफवाह फैलाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर विशेष नजर रखी गई है।
शहर के 168 अखाड़ों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 48 विशेष मॉनिटरिंग टीमें गठित की गईं। साकची, कदमा और गोलमुरी सहित प्रमुख मार्गों पर वीडियो रिकॉर्डिंग की विशेष व्यवस्था रही। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी पुलिस की सतर्क नजर बनी रही।
कदमा के शास्त्रीनगर इलाके में, पूर्व में हुई घटना को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए। यहां अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और बिजली बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए जेनरेटर की व्यवस्था की गई। साकची गोलचक्कर, महाराणा प्रताप चौक, सुवर्णरेखा घाट और रंकिणी मंदिर के पास वॉच टावर बनाकर निगरानी की गई।
स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। शहर के 18 स्थानों पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया, जबकि डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें आपात स्थिति में तुरंत उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया। सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने कहा कि शांतिपूर्ण और सुरक्षित विसर्जन सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं। देर रात तक जुलूसों के संपन्न होने की संभावना जताई गई है।

