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नशे के खिलाफ एक्शन मोड में प्रशासन, अवैध अफीम खेती उन्मूलन के लिए सख्त निर्देश

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों के कारोबार पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में शनिवार को समाहरणालय सभागार में नार्को कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त चंदन कुमार ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकना और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना था।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां कहीं भी अवैध अफीम की खेती की सूचना मिले, वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए फसल को नष्ट किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी संयुक्त रूप से कार्रवाई की रिपोर्ट समय पर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि जिले का समेकित डाटा तैयार किया जा सके।

समीक्षा में सामने आया कि अब तक लगभग 51 एकड़ क्षेत्र में फैली अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया जा चुका है। इस पर उपायुक्त ने संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निरंतर अभियान चलाने, सत्यापन प्रक्रिया तेज करने और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पूर्व में नष्ट की गई जमीनों पर वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि किसान दोबारा इस अवैध गतिविधि में न जुड़ें।

इसके साथ ही उपायुक्त ने ब्राउन शुगर और प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने मानकी, मुंडा और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।

बैठक में अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी सिद्धांत कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) शिवेंद्र, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बाहमन टूटी, सामान्य शाखा प्रभारी देवेंद्र कुमार, गोपनीय प्रभारी कुमार हर्ष, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ईशा खंडेलवाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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