जमशेदपुर। टाटा स्टील फाउंडेशन, टाटा सर्विस और बजाज अवटो के संयुक्त सहयोग से शहर के भालूबासा सामुदायिक केंद्र में शुक्रवार को एक नए कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र की शुरुआत विशेष रूप से समाज के वंचित और बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से की गई है, ताकि उन्हें हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
इस कौशल केंद्र में दोपहिया वाहन सेवा तकनीशियन का तीन माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा, जो पूरी तरह रोजगार से जुड़ा हुआ है। इस पहल के लिए बजाज ऑटो द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है, जबकि आधारभूत संरचना टाटा स्टील फाउंडेशन ने उपलब्ध कराई है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मोटर वाहन क्षेत्र से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग के अनुरूप कौशल प्रदान करना है, जिससे वे रोजगार के योग्य बन सकें।
उद्घाटन अवसर पर बजाज ऑटो के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व विभाग के उपाध्यक्ष सुधाकर गुडिपाटी, क्षेत्र प्रमुख लीलाधर, टाटा स्ट्राइव के मुख्य परिचालन अधिकारी अमेय वांजारी, साझेदारी प्रमुख राजर्षि मुखर्जी, राजदीप साहा तथा टाटा स्टील फाउंडेशन के कौशल विकास प्रमुख कैप्टन अमिताभ सहित जमशेदपुर, चांडिल और चाईबासा के बजाज सेवा केंद्रों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल को युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के उन युवाओं के लिए तैयार किया गया है, जिन्होंने कम से कम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की है। इसमें तीन माह का सैद्धांतिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद एक माह का कार्यस्थल प्रशिक्षण भी शामिल रहेगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा और उन्हें नौकरी अथवा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी सहायता दी जाएगी।
इस कौशल केंद्र का लक्ष्य प्रत्येक वर्ष 80 से 100 युवाओं को प्रशिक्षित करना है तथा उनमें से कम से कम 80 प्रतिशत को रोजगार से जोड़ना है, ताकि उनके लिए स्थायी आजीविका के रास्ते खुल सकें।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया, इसके बाद बजाज प्रशिक्षण प्रयोगशाला का फीता काटकर उद्घाटन और दीप प्रज्वलन किया गया। स्वागत भाषण के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। अतिथियों ने प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक छायाचित्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
यह पहल तीनों संस्थाओं की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज में स्थायी विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

