चाईबासा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पश्चिमी सिंहभूम की पहल पर झींकपानी प्रखंड के जोड़ापोखर पंचायत निवासी विक्रम मुंडा को आंध्र प्रदेश के अंगुल से सकुशल घर वापस लाया गया। यह कार्रवाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष मौहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में की गई।
जानकारी के अनुसार विक्रम मुंडा अपने एक परिचित के साथ रोजगार के लिए गुजरात गए थे, लेकिन दो दिन काम करने के बाद घर लौटने के दौरान रास्ता भटक गए। वे करीब पांच दिन तक पैदल चलते हुए आंध्र प्रदेश के अंगुल पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने कई किलोमीटर की यात्रा पैदल तय की। भाषा की समस्या के बावजूद उन्होंने किसी तरह अपने परिजनों से संपर्क कर अपनी स्थिति की जानकारी दी।
परिजनों ने इसकी सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय को दी और सहायता की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव रवि चौधरी ने तत्काल पुलिस अधीक्षक को सूचना दी।
17 मार्च 2026 को विक्रम मुंडा के अंगुल रेलवे स्टेशन पर होने की जानकारी मिली। इसके बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर राकेश मोहन ने रेलवे स्टेशन अधीक्षक से संपर्क किया। गांव की महिला सुशांति मुंडा को वहां भेजा गया। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद विक्रम मुंडा को वापस घर लाया गया।
वापसी के बाद प्राधिकार ने उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए संबंधित विभाग को सूचित किया है। इस कार्य में जिले के श्रम अधीक्षक, प्रवासी सेल रांची का सहयोग रहा। वहीं झींकपानी के समाजसेवी जितेंद्र गोप और पीएलवी रेणु देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस मौके पर सचिव रवि चौधरी ने कहा कि बाहर मजदूरी के लिए जाने वाले लोगों को श्रम विभाग में पंजीकरण कराकर ही जाना चाहिए, ताकि उन्हें सरकारी प्रावधानों का लाभ मिल सके।

