जमशेदपुर, 2026:
पारंपरिक छात्र आयोजनों से अलग हटकर, यंग इंडियंस (Yi), जमशेदपुर द्वारा आयोजित IDS6 हैकाथॉन 2026 ने युवाओं को एक सशक्त मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने 11 घंटे की गहन नवाचार यात्रा के दौरान एक वास्तविक स्थानीय चुनौती — “कैंपस टू करियर गैप” — के समाधान पर कार्य किया।
इस हैकाथॉन की विशेषता रही इसकी अनोखी शुरुआत — “फोन बंद, सोच चालू”। आयोजन के पहले चरण में प्रतिभागियों ने बिना किसी डिजिटल उपकरण के केवल संवाद, सहयोग और तार्किक सोच के माध्यम से कार्य किया। इसका परिणाम एक ऐसा वातावरण रहा जहाँ छात्रों के बीच वास्तविक विचार-विमर्श, गहन चर्चा और सार्थक भागीदारी देखने को मिली, जो पारंपरिक हैकाथॉन्स में कम ही देखने को मिलती है।
प्रतिभागियों ने जमशेदपुर के स्थानीय उद्योगों जैसे माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और MSMEs को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। इनमें आईटीआई की भूमिका को सुदृढ़ करना, एनजीओ के सहयोग को बढ़ावा देना तथा छात्र-नेतृत्व वाले पहल के माध्यम से कौशल अंतर को कम करना जैसे विचार प्रमुख रहे।
इस हैकाथॉन का नेतृत्व Yi Innovation Chair श्रीमती श्रद्धा अग्रवाल एवं Co-Chair श्रीमती प्रियंका अग्रवाल ने किया। उन्हें मेंटर्स श्री विवेक देबुका एवं Yuva Chair श्री रोहित केडिया का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिन्होंने प्रतिभागियों को विचारों को वास्तविक क्रियान्वयन तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया।
आयोजन को रणनीतिक दिशा प्रदान करने हेतु Dorian Scale Regional Growth Labs, जिसकी अगुवाई डॉ. पूर्णिमा डोरे (Founder & CEO) कर रही हैं, ने Knowledge & Impact Advisor के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने क्षेत्रीय आर्थिक विकास और कार्यान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किए।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रतिभागियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और मूल्यांकन का अवसर मिला। प्रतिष्ठित जूरी में श्री रोहित गोयल (उद्योगपति), श्री पुनीत कौंटिया (उद्योगपति), श्री उदित अग्रवाल (Editor-in-Chief, उदितवाणी प्रकाशन) एवं डॉ. पूर्णिमा डोरे शामिल रहे, जिन्होंने प्रत्येक टीम के विचारों की व्यवहारिकता और प्रभाव का गहन मूल्यांकन किया।
हैकाथॉन के समापन पर शीर्ष पाँच टीमों का चयन किया गया, जो आगामी दो सप्ताह तक मेंटर्स के मार्गदर्शन में अपने विचारों को पायलट प्रोजेक्ट्स के रूप में विकसित करेंगी। इन प्रोजेक्ट्स का अंतिम प्रस्तुतीकरण एक विशेष शोकेस में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य केवल नवाचार नहीं, बल्कि व्यवहारिक और स्केलेबल समाधान प्रस्तुत करना है।
IDS6 हैकाथॉन 2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही दिशा और मार्गदर्शन मिलने पर युवा छात्र न केवल विचार प्रस्तुत कर सकते हैं, बल्कि वास्तविक समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका भी निभा सकते हैं। यह आयोजन आइडिएशन से आगे बढ़कर क्रियान्वयन की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हुआ है।

