चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित अमला टोला के रानी सती दादी मंदिर में मारवाड़ी युवा मंच एवं जागृति शाखा द्वारा पारंपरिक गणगौर पूजन एवं विसर्जन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही श्रद्धालु महिलाओं ने पूरे विधि-विधान से माता गणगौर की पूजा-अर्चना की, जो शाम को शिवा तालाब में विसर्जन के साथ पूर्ण हुआ।
इस अवसर पर जागृति शाखा की अध्यक्ष चंदा अग्रवाल ने सभी को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गणगौर केवल एक धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जो समाज को एकजुट रखने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम को और आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। सुचि चिरानिया और भारती अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित गणगौर सजाओ प्रतियोगिता में सलोनी अग्रवाल ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि खुशी रुंगटा द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं बहू-बेटियों के लिए आयोजित मारवाड़ी वेशभूषा प्रतियोगिता में खुशी रुंगटा ने पहला स्थान प्राप्त किया और खिरवाल दूसरे स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम में शालिनी सराफ और सरला अग्रवाल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। आयोजन के दौरान महिलाओं के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई, जिससे पूरे माहौल में उत्सव का आनंद और बढ़ गया।
इस मौके पर मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष आशीष चौधरी, मुकेश मित्तल, प्रियम चिरानिया, सलाहकार पुरुषोत्तम शर्मा के साथ जागृति शाखा की अध्यक्ष चंदा अग्रवाल, सचिव रिंकी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष शिल्पा फिरोजीवाला और अन्य सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

