चतरा। जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड अंतर्गत सिंघानी पंचायत के बंदरचुंवा गांव में ईद-उल-फितर के मौके पर दर्दनाक हादसे ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी, बारिश के साथ वज्रपात होने लगा। इसी दौरान गांव की तीन महिलाएं जंगल क्षेत्र में महुआ चुनने गई थीं, तभी वे आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं।
घटना में मोहम्मद महफूज की पत्नी शमा परवीन की मौके पर ही मौत हो गई। वज्रपात इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। वहीं, उनके साथ मौजूद दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से उनकी हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से मृतका के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। वहीं, इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और ईद का त्योहार भी फीका पड़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अचानक बदले मौसम के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, लेकिन समय पर चेतावनी और जागरूकता के अभाव में लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

