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Wed. Mar 18th, 2026

लग्जरी कार से बकरी चोरी करने वाला गिरोह बेनकाब, 12 बकरियां बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

जमशेदपुर। परसुडीह थाना क्षेत्र में बुधवार को बकरी चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का नाटकीय अंदाज में पर्दाफाश हुआ। हितकू गांव के निवासी लाल बाबू सिंह की सतर्कता और सूझबूझ से इस पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। उनकी पहल पर न सिर्फ चोरी की वारदात उजागर हुई, बल्कि कार से 12 बकरियां भी बरामद की गईं। इस दौरान ग्रामीणों और आरोपियों के बीच काफी देर तक हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

बताया जाता है कि सुंदरनगर के हितकू निवासी लाल बाबू सिंह की कुछ दिन पहले दो बकरियां चोरी हो गई थीं। घटना के समय उन्होंने एक संदिग्ध कार का नंबर JH05DA4481 नोट कर लिया था। इसके बाद से वे लगातार उस कार पर नजर बनाए हुए थे और अपने स्तर पर भी जानकारी जुटा रहे थे। बुधवार सुबह जब वही कार दोबारा गांव के आसपास घूमती दिखी, तो लाल बाबू सिंह को शक गहरा गया। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी निकाली और कार का पीछा करना शुरू कर दिया।

हितकू से परसुडीह तक कई किलोमीटर तक यह पीछा चलता रहा। इस दौरान लाल बाबू सिंह रास्ते भर “चोर-चोर” चिल्लाते हुए लोगों को सतर्क करते रहे, जिससे आसपास के ग्रामीण भी सक्रिय हो गए। पीछा किए जाने का एहसास होते ही कार चालक ने तेजी से भागने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी में परसुडीह के शीतला चौक के पास एक वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर रुक गई।

कार रुकते ही उसमें सवार तीन में से दो आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि एक युवक को ग्रामीणों ने घेरकर पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान मानगो आजादनगर निवासी मोहम्मद इंजमाम के रूप में हुई है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी और कार को भी नुकसान पहुंचाया।

इसके बाद जब ग्रामीणों ने कार की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। कार की डिक्की और पिछली सीट में ठूंस-ठूंस कर करीब 10 से 12 बकरियां भरी हुई थीं। बकरियों की हालत देखकर लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। इसी बीच सूचना मिलने पर परसुडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने मौके से कार को भी जब्त कर लिया और सभी बकरियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

परसुडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद इंजमाम एक सक्रिय और संगठित बकरी चोर गिरोह का सदस्य है। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि यह गिरोह घाटशिला, सुंदरनगर, पोटका, कपाली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार सक्रिय था और सुनसान या कम निगरानी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाता था।

गिरोह की कार्यप्रणाली भी काफी सुनियोजित थी। सदस्य पहले इलाके की रेकी करते थे और फिर रात या सुबह के समय पहुंचकर बकरियों को ब्रेड खिलाकर अपने पास बुलाते थे। जैसे ही बकरियां पास आतीं, उन्हें तुरंत कार में डालकर फरार हो जाते थे। लग्जरी कार का इस्तेमाल इसलिए किया जाता था ताकि लोगों को शक न हो और वे आसानी से मुख्य सड़कों से निकल सकें।

पुलिस के अनुसार, चोरी की गई बकरियों को आजादनगर, कपाली और आसपास के बाजारों में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा होने की आशंका है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।

फिलहाल पुलिस फरार दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के पूरे नेटवर्क, खरीद-बिक्री के ठिकानों और अन्य सहयोगियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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