जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित सत्यनारायण श्याम मारवाड़ी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का सोमवार को हवन पूर्णाहूति और पंचाक्षर मंत्र की महिमा के वर्णन के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथावाचक सूदर्शनाचार्य महाराज ने अपने अंतिम उपदेश में जीवन में सकारात्मक बदलाव, शिव भक्ति और चरित्र सुधार का संदेश दिया। उन्होंने पंचाक्षर मंत्र “ॐ नमः शिवाय” की महिमा बताते हुए कहा कि यह पांच पवित्र अक्षरों वाला मंत्र है, जिसमें न – पृथ्वी, म – जल, शि – अग्नि, वा – वायु और य – आकाश का प्रतीक है। यह मंत्र पांचों तत्वों को संतुलित करता है और शिव कृपा से मोक्ष तथा सुख-समृद्धि प्रदान करता है।
महाराज ने कहा कि “ॐ नमः शिवाय” सबसे प्राचीन और कल्याणकारी मंत्रों में से एक है। इसके जप से आरोग्य, मानसिक शांति और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि शिव पुराण का श्रवण मानव को आध्यात्मिक रूप से जागृत करता है और मोक्ष के मार्ग को प्रशस्त करता है।
सात दिवसीय कथा के दौरान शिव पुराण में वर्णित भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, अवतारों, ज्योतिर्लिंगों की महिमा और भक्तों की प्रेरक कथाओं का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा में शिव के कल्याणकारी स्वरूप, उपासना विधि, विवाह तथा पुत्रों की उत्पत्ति से जुड़े प्रसंग भी बताए गए। भगवान शिव को महादेव, नीलकंठ और शंकर जैसे नामों से जाना जाता है तथा उन्हें सृजनकर्ता, पालक और संहारक के रूप में पूजा जाता है।
सोमवार को कथा का आयोजन सुबह 8 बजे से हुआ, जबकि हवन पूर्णाहूति दोपहर 12:30 बजे संपन्न हुई। मुख्य यजमान पुष्पा देवी-रामाकांत साह और अंचल-मनीष कश्यप ने विधि-विधान से पूजा कराई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रामाकांत साह, मनीष कश्यप, महेश कश्यप, पवन प्रसाद, विमल अग्रवाल, गौतम सरायवाला, राहुल अग्रवाल, संकटा सिंह, राम प्रसाद शर्मा, मनीष शर्मा, रवि पटेल, अमित शर्मा, संदीप बरवालिया, अजीत प्रसाद, राजेंद्र सोनकर, गौरव अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल सहित मित्र कांवड़ संघ टाटानगर के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना की।

