जमशेदपुर: मानगो स्थित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, श्री गुरु सिंह सभा (रजिस्टर्ड) के चुनाव को लेकर सिख समुदाय में हलचल तेज हो गई है. झारखंड सिख को-ऑर्डिनेशन कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर चुनाव को संविधान के अनुसार और शांतिपूर्ण ढंग से कराने की मांग की है.
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि मानगो गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अपना पंजीकृत संविधान है, जिसके तहत पिछले लगभग 50 वर्षों से ट्रस्टियों के नेतृत्व में नियमित और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराए जाते रहे हैं. लेकिन आरोप है कि पिछले करीब नौ वर्षों से संविधान की अनदेखी की जा रही है और नियमित चुनाव नहीं कराए गए हैं.
समाज के लोगों का आरोप है कि वर्तमान प्रधान भगवान सिंह बिना चुनाव के ही लगातार तीन कार्यकाल से पद पर बने हुए हैं, जबकि कमेटी के संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति दो कार्यकाल से अधिक समय तक बिना चुनाव के पद पर नहीं रह सकता. इसे संविधान के प्रावधानों के विपरीत बताया जा रहा है.
बताया गया है कि मौजूदा कमेटी का कार्यकाल 31 मार्च 2026 को समाप्त होने जा रहा है. इसी क्रम में कमेटी की ओर से 15 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे गुरुद्वारा परिसर में जनरल बॉडी बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए प्रधान को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है.
हालांकि समाज के कुछ लोगों का कहना है कि यह बैठक केवल औपचारिकता न रह जाए, इसके लिए प्रशासन की मौजूदगी जरूरी है, ताकि संविधान के अनुसार पारदर्शी ढंग से चुनाव कराया जा सके.
सिख समाज के एक वर्ग की ओर से यह भी कहा गया है कि मानगो के विकास मंच के अध्यक्ष, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व महासचिव और समाजसेवी सरदार बलजीत सिंह को प्रधान पद का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग उठ रही है.
झारखंड सिख को-ऑर्डिनेशन कमेटी के संरक्षक सरदार गुरुमुख सिंह मुख्खे, प्रधान पद के उम्मीदवार सरदार बलजीत सिंह तथा झारखंड सिख समाज आंदोलन समिति के अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह भाटिया सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और अनुमंडल प्रशासन से अपील की है कि 15 मार्च को होने वाली जनरल बॉडी बैठक और उसके बाद होने वाले चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए.
समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की है कि बैठक के दौरान जिला पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारी तथा मानगो थाना के जिम्मेदार पदाधिकारी मौजूद रहें, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो. साथ ही बैठक की वीडियोग्राफी कराने और यह सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है कि चुनाव प्रक्रिया में केवल वैध मतदाता ही शामिल हों तथा किसी बाहरी व्यक्ति को बैठक में प्रवेश न दिया जाए.

