जमशेदपुर: झारखंड में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना रांची की टीम ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर एक व्यक्ति से करीब 38.62 लाख रुपये ठगने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को जमशेदपुर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई घाटशिला और कदमा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर की गई।
मामला साइबर क्राइम थाना रांची में कांड संख्या 24/26 के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि ठगों ने खुद को केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया। इसके बाद उन्हें एक गंभीर मामले में फंसाने और ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने की धमकी दी गई। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर अपराधियों ने पीड़ित पर दबाव बनाया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 38.62 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी की तकनीकी टीम ने जांच शुरू की और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर टीम ने जमशेदपुर के घाटशिला और कदमा क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान स्थानीय पुलिस के सहयोग से तीन आरोपियों रोहित कुमार जैन, संजीव कुमार मिश्रा और लोकेश महतो को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए हैं। फिलहाल सीआईडी इस गिरोह के मुख्य संचालकों और उन बैंक खातों की पहचान करने में जुटी है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया था। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।

