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स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, कम उपलब्धि वाले प्रखंडों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश

चाईबासा। जिला समाहरणालय स्थित सभागार में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त चंदन कुमार ने की। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से जिले में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न योजनाओं की क्रमवार समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, खासकर मातृत्व स्वास्थ्य और टीकाकरण से जुड़े मामलों में।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने 108 एम्बुलेंस चालकों की चल रही हड़ताल के कारण उत्पन्न स्थिति का भी संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए जिले में उपलब्ध अन्य एम्बुलेंस और सामाजिक संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों का आवश्यकतानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलती रहे।

उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में सूचना के तेजी से प्रसार के कारण अस्पतालों से जुड़ी छोटी-छोटी घटनाएं या विवाद अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा संकट के समय की गई वैकल्पिक व्यवस्थाओं और सकारात्मक पहल की जानकारी आम लोगों तक कम पहुंच पाती है। ऐसे में आवश्यक है कि जनता तक सही और संतुलित जानकारी पहुंचे, ताकि लोग भ्रमित न हों और प्रशासनिक प्रयासों की वास्तविक तस्वीर सामने आए।

मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले के कुमारडुंगी, टोंटो, गोइलकेरा, खूंटपानी और बंदगांव प्रखंडों में एएनसी कवरेज की उपलब्धि संतोषजनक नहीं है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया।

जिले में नियमित टीकाकरण की उपलब्धि 94 प्रतिशत दर्ज की गई है। हालांकि टोंटो, कुमारडुंगी, खूंटपानी, सोनुआ और जगन्नाथपुर प्रखंडों में कुछ बच्चे टीकाकरण से छूटे हुए पाए गए हैं। उपायुक्त ने इन बच्चों को चिन्हित कर जल्द से जल्द उनका टीकाकरण पूरा कराने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही सदर अस्पताल में नवनिर्मित एक्सटेंडेड बिल्डिंग को जल्द सुसज्जित करने और वहां डिलीवरी प्वाइंट को एल-1 प्वाइंट में विकसित करने के लिए आवश्यक उपकरणों की मांग भेजने का निर्देश भी दिया गया।

समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन, जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद रहे।

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