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जिला समाहरणालय में एकीकृत बाल संरक्षण योजनाओं की समीक्षा बैठक, 9 परिवारों ने फोस्टर केयर के लिए किया आवेदन

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण कार्यालय तथा संबंधित विभागों के समन्वय से संचालित एकीकृत बाल संरक्षण योजना, बाल कल्याण, बाल सुधार गृह, बाल तस्करी और बाल मजदूरी से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग खुशेन्द्र सोनकेशरी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी, श्रम अधीक्षक सहित विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

बैठक में बताया गया कि जिले में पालन-पोषण देखभाल योजना के तहत जोखिम वाले तबके के बच्चों के सर्वांगीण विकास और बेहतर भविष्य के लिए फोस्टर केयर योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत फिलहाल 9 परिवारों ने बच्चों के पालन-पोषण के लिए आवेदन दिया है।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की। जानकारी दी गई कि बाल देखरेख संस्थान में छह महीने से अधिक समय से रह रहे बच्चों को उनके परिवार से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।

इस क्रम में बाल कल्याण समिति द्वारा फोस्टर केयर, आफ्टर केयर और एलएफए (कानूनी रूप से गोद लेने के लिए स्वतंत्र) के लिए 24 बच्चों का चयन किया गया है। इनमें 14 बच्चों का एलएफए निष्पादन हो चुका है, जबकि 10 बच्चों का एलएफए प्रक्रिया में है।

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में जोखिम वाले तबके के अधिक से अधिक बच्चों को बेहतर देखभाल और पालन-पोषण से जोड़ा जाए तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए ग्रुप फोस्टर केयर मॉडल विकसित किया जाए। साथ ही एसओएस केंद्र और विशेष दत्तक केंद्र के संचालन के लिए अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई और दोनों केंद्रों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक सभी प्राथमिक कार्यवाही जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

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