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होला महल्ला’ खेलों में नन्हे-मुन्नों ने मन मोहा, साकची गुरुद्वारा में बच्चों ने खेल खेल में जाना सिक्ख इतिहास

प्रधान निशान सिंह ने कहा, “बच्चों का मन गीली मिट्टी के समान होता जिस आकार में ढालेंगे उसी में ढल जायेंगे”*

जमशेदपुर।साकची गुरुद्वारा के मॉर्डन स्कूल परिसर में रविवार को सिख समाज के नन्हे बच्चों ने फन खेलों का ऐसा नजारा पेश किया कि हर कोई हैरान रह गया। मौका था, सिखों के पर्व होला महल्ला को समर्पित खेलों का भव्य आयोजन।

रविवार को गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी साकची के तत्वावधान में माता साहिब कौर गतका अकादमी

के सहयोग से गुरुद्वारा साहिब साकची परिसर में पहली बार एक दिवसीय ‘होला महल्ला’ का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम प्रातः 7:30 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक आयोजित हुए जहाँ साकची गुरुद्वारा के प्रधान सरदार निशान सिंह के अलावा कमिटी के अन्य सदस्यों ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।

माता साहिब कौर गतका अकादमी के सहयोग से आयोजित होला महल्ला में पूरे कोल्हान से 210 बच्चों ने भाग लेकर सफल बनाया जहाँ खेल प्रतियोगिता के साथ-साथ क्विज एवं सिक्ख इतिहास से संबंधित प्रश्नोत्तरी भी प्रस्तुत की गई और सफल प्रतिभागियों को आकर्षक सरप्राइज उपहार दिए गए। होला महल्ला खेलों में प्रवेश निःशुल्क रखा गया है।

पुरस्कार वितरण कार्यक्रम साकची गुरुद्वारा के दरबार साहिब में रखा गया था जहाँ प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए प्रधान सरदार निशान सिंह ने कहा छोटे बच्चों का मन गिली मिट्टी के समान होता है, उन्हें जैसा आकार दिया जाए वे वैसा ही बन जाते हैं और वैसा ही मार्ग अपनाते हैं इसलिए उन्हें घर से ही गुरु घर से जुड़ने शिक्षा दी जानी चाहिए। साकची गुरुद्वारा के महासचिव परमजीत सिंह काले ने भी अपने वक्तव्य से बच्चों को प्रेरित किया। होला महल्ला के आपार सफलता में बीबी हरप्रीत कौर, बीबी अवनीत कौर, बीबी पमित कौर और बीबी तवलीन कौर ने सराहनीय योगदान दिया। एक दिवसीय प्रतियोगिता में साकची कमिटी की ओर से सुखमणि जत्था की राज कौर और स्त्री सत्संग सभा की बीबी मनजीत कौर, परमजीत सिंह काले, सतनाम सिंह सिद्धू सहित जसबीर सिंह गांधी, सतनाम सिंह घुम्मन, अजायब सिंह, त्रिलोचन सिंह तोची, दलजीत सिंह, मनोहर सिंह मीते, सुरजीत सिंह चीते, सुखविंदर सिंह निक्कू, बलबीर सिंह, गुरकरण सिंह, प्रीतपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, जगजीत सिंह, मनमीत सिंह और हरविंदर सिंह ने भी शिरकत कर होला महल्ला को सफल बनाने में सहयोग दिया।

महामंत्री परमजीत सिंह काले ने कहा कि होला महल्ला केवल एक पर्व मात्र नहीं बल्कि साहस, सेवा और शौर्य की पहचान है। उनका उद्देश्य नई पीढ़ी को सिख इतिहास और परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने संगत का धन्यवाद करते हुए कहा कि आगे भी साकची गुरुद्वारा कमेटी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक का आयोजन करेगी ताकि नई पीढ़ी सिख इतिहास के अमीर सभ्याचार को और अधिक और मजबूती से जान सके।

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