चाईबासा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी क्षेत्र से अंधविश्वास से जुड़ी एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवती को “भूत सवार होने” की आशंका जताकर उसके ही परिजनों ने रस्सी से बांध दिया और कथित तौर पर झाड़-फूंक कराने के लिए ओझा के पास ले गए।वे किस ओझा के पास गये,इसकी जानकारी परिजनों ने नहीं दी।घटना शनिवार रात करीब नौ बजे नोवामुंडी क्षेत्र के तोड़े टोपा गांव की बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी राजू दास की बेटी के व्यवहार में अचानक बदलाव आने की बात परिवार के लोग कह रहे हैं। युवती के भाई और भाभी का दावा है कि वह पिछले कुछ दिनों से असामान्य हरकतें कर रही थी। उनके अनुसार युवती अचानक घर से इधर-उधर भागने लगती थी और अजीब तरह से व्यवहार करती थी। इसी कारण उसे काबू में रखने के लिए कपड़े की रस्सी से उसकी कमर बांध दी गई थी।
परिजनों का यह भी कहना है कि कुछ दिन पहले झिकपानी इलाके में एक युवक की मौत हुई थी। उन्हें शक है कि उसी मृत युवक की आत्मा युवती पर सवार हो गई है। इसी डर और अंधविश्वास के चलते परिवार के लोग उसे झाड़-फूंक कराने के लिए ओझा के पास ले जाने की बात कह रहे थे। जब युवती के भाई से इस संबंध में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बहन के अचानक भागने और अनियंत्रित व्यवहार के कारण उसे रस्सी से बांधना पड़ा।
इस घटना के सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के आधुनिक समय में भी ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास की जड़ें गहरी हैं। उनका मानना है कि ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय डॉक्टर से इलाज कराना और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा जरूरी होता है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और वैज्ञानिक सोच की कमी को उजागर करती हैं। उनका कहना है कि प्रशासन और समाज को मिलकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि अंधविश्वास के कारण किसी के साथ अमानवीय व्यवहार न हो।

