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अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर किया बड़ा हमला, कई शहरों में धमाके, राष्ट्रपति भवन को भी बनाया निशाना, देशभर में बज रहे सायरन

ईरान।इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह हुए इस हमले के बाद शहरों में धुएं का गुबार नजर आ रहा है। इजराइल और अमेरिका के हमले के बाद ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि ईरान में 30 जगहों पर हमला किया गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा को बताया है कि ईरान पर किए गए हमले अमेरिका और इजराइल की जॉइंट सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है।

शुरुआती हमले में कहा जा रहा है कि ईरानी खुफिया एजेंसी की इमारतों, एयरपोर्ट्स, राष्ट्रपति भवन समेत रिहायशी इलाके में हमले किए गए हैं। इजराइल डिफेंस फोर्स ने ईरान पर हमले की जानकारी देते हुए इसे ‘प्रिवेंटिव अटैक’ बताया है। तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं।

हमले के बाद ईरान ने सभी उड़ानें रोक दी हैं और एयरस्पेस पूरी तरह खाली करा लिया गया है। इधर इजराइल में भी एयर अटैक सायरन सुनाई दे रहे हैं। संवेदनशील इलाकों को खाली कराया जा रहा है। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम एशिया पहले से ही गहरे तनाव में है। जून में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिन तक हवाई संघर्ष हुआ था।

उस दौरान अमेरिका ने भी पहली बार सीधे तौर पर ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ इजरायली सैन्य अभियान में हिस्सा लिया था। ईरान और अमेरिका के बीच फरवरी में परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता फिर से शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य दशकों पुराने विवाद का कूटनीतिक समाधान निकालना और सैन्य टकराव को टालना था।

लेकिन इजरायल लगातार इस बात पर जोर देता रहा कि किसी भी संभावित समझौते में तेहरान की परमाणु संरचना को पूरी तरह ध्वस्त करना शामिल होना चाहिए, सिर्फ यूरेनियम संवर्धन रोकना पर्याप्त नहीं है। इजरायल ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को भी वार्ता में शामिल करने की मांग की थी।

ईरान ने कहा है कि वह प्रतिबंध हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं स्वीकार करने को तैयार है, लेकिन मिसाइल कार्यक्रम को किसी समझौते से जोड़ने से इनकार करता है। तेहरान ने यह भी साफ किया है कि किसी भी हमले की स्थिति में वह आत्मरक्षा करेगा।

जून में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने कतर स्थित अल उदैद एयर बेस पर मिसाइलें दागी थीं, जो मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। पश्चिमी देशों का कहना है कि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है और भविष्य में परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता विकसित कर सकता है। हालांकि तेहरान परमाणु बम बनाने की मंशा से इनकार करता रहा है।

ताजा हमले ने एक बार फिर कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान की प्रतिक्रिया क्या होगी और क्या यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

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