कोलकाता।पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शुक्रवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.5 आंकी गई है। झटके इतने स्पष्ट थे कि घरों और दफ्तरों में मौजूद लोग एहतियातन बाहर निकल आए। फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की आधिकारिक सूचना नहीं है।
भूकंप के झटके शहर के विभिन्न इलाकों—सॉल्ट लेक, पार्क स्ट्रीट, बेहाला, हावड़ा और न्यू टाउन—में महसूस किए गए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर बताया कि ऊंची इमारतों में पंखे और लाइटें हिलने लगीं, खिड़कियां खड़खड़ाने लगीं और फर्नीचर में कंपन महसूस हुआ। कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन पर आए इमरजेंसी अलर्ट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए।
बताया जा रहा है कि पड़ोसी देश Bangladesh में भी इसी दौरान 5.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। European-Mediterranean Seismological Centre के अनुसार यह भूकंप लगभग 35 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिसके प्रभाव पूर्वी भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा के निकट आए इस भूकंप के कारण कोलकाता और आसपास के जिलों में कंपन महसूस हुआ।
इससे पहले 3 फरवरी को Myanmar में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था। German Research Centre for Geosciences (GFZ) के मुताबिक यह भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया था, जिसकी वजह से पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में झटके महसूस किए गए थे। हालांकि दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कोलकाता पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
भूकंप के बाद विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए सतर्क रहें। भूकंप के दौरान खुले स्थान पर जाएं, लिफ्ट का इस्तेमाल न करें और मजबूत फर्नीचर के नीचे शरण लें। फिलहाल शहर में स्थिति सामान्य है, लेकिन लोग दिनभर इस घटना को लेकर चर्चा करते रहे।

