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Thu. Feb 26th, 2026

एनसीईआरटी की पुस्तक में न्यायपालिका संबंधी टिप्पणी पर केंद्र सरकार सख्त, धर्मेंद्र प्रधान ने जताया गहरा खेद

जमशेदपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनसीईआरटी की एक पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े कथित आपत्तिजनक उल्लेख को लेकर गहरा खेद व्यक्त किया है। जमशेदपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण को केंद्र सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है और संबंधित पुस्तक की अब तक छपी सभी प्रतियों को तत्काल प्रभाव से वापस मंगाने का निर्देश जारी कर दिया गया है।

मंत्री ने कहा कि न्यायपालिका भारतीय लोकतंत्र का एक मजबूत और स्वतंत्र स्तंभ है, जिसकी गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार सभी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है और उनके प्रति किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या असंतुलित टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने माना कि पुस्तक में प्रकाशित सामग्री से अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि जैसे ही इस विषय की जानकारी मंत्रालय को मिली, तत्काल संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि पुस्तक की वितरण प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और बाजार व विद्यालयों तक पहुंच चुकी प्रतियों को भी वापस मंगाया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समीक्षा और संपादन की प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी की लापरवाही या जिम्मेदारी तय होती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में पाठ्यसामग्री तैयार करने और प्रकाशित करने की प्रक्रिया में बहुस्तरीय समीक्षा तंत्र को और मजबूत किया जाए। विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों की भूमिका को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि तथ्यात्मक सटीकता और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति संतुलित दृष्टिकोण सुनिश्चित हो सके।

मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार का उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, संतुलित और तथ्याधारित शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति सम्मान विकसित करने का भी साधन है। इसलिए पाठ्यपुस्तकों की सामग्री में उच्चतम स्तर की सावधानी बरती जाएगी।

इस घटनाक्रम के बाद शिक्षा जगत में भी पाठ्यपुस्तकों की सामग्री की समीक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में एनसीईआरटी की प्रकाशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि इस प्रकार की विवादित स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

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