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Wed. Feb 25th, 2026

नगरनबी रेलवे क्रॉसिंग के पास वंदे भारत की चपेट में पति-पत्नी और मासूम की मौत, परिवार खत्म होने से पसरा मातम

पाकुड़। नगरनबी रेलवे क्रॉसिंग के समीप मंगलवार रात एक भीषण रेल हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से काली तल्ला निवासी चंदन सरदार, उनकी पत्नी रिंपा सरदार और उनकी तीन वर्षीय बेटी अर्पिता सरदार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह हादसा नगरनबी पोल संख्या 47/40 और 47/38 के बीच हुआ, जहां अक्सर लोग शॉर्टकट के रूप में ट्रैक पार करते हैं।

जानकारी के अनुसार चंदन सरदार अपनी पत्नी और बेटी के साथ विक्रमपुर स्थित अपनी बहन के घर गए थे। देर शाम तीनों पैदल ही अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अंधेरा होने के कारण ट्रैक पर दृश्यता कम थी। जैसे ही परिवार रेलवे लाइन पार करने लगा, उसी दौरान न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा की ओर जा रही ट्रेन संख्या 22302 अचानक सामने आ गई। ट्रेन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि तीनों को संभलने या हटने का अवसर तक नहीं मिला। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

ट्रेन गुजरने के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग शोर सुनकर मौके पर पहुंचे और तत्काल रेलवे व पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। आरपीएफ के एसआई संतोष कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा लापरवाही, असावधानी या अन्य किसी कारण से हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरनबी रेलवे क्रॉसिंग के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कई स्थानों पर न तो पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था है और न ही मजबूत बैरिकेडिंग। लोगों ने आरोप लगाया कि यहां अक्सर ग्रामीण और मजदूर वर्ग के लोग समय बचाने के लिए ट्रैक पार करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और स्थानीय निवासियों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि क्रॉसिंग के आसपास फुट ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण कराया जाए, साथ ही चेतावनी संकेतक, सायरन और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते, तो शायद एक पूरा परिवार यूं असमय काल के गाल में समा जाने से बच सकता था। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक को पार करते समय सतर्क रहें और केवल अधिकृत क्रॉसिंग प्वाइंट का ही उपयोग करें, क्योंकि जरा सी असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है।

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