जमशेदपुर। फाल्गुन माह में आने वाली महाशिवरात्रि को लेकर शहर में आध्यात्मिक माहौल बनना शुरू हो गया है। इस पर्व को देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है, खासकर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है। इसी कड़ी में जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित ब्रह्मकुमारीज संस्था द्वारा भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूप स्थापित किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
महाशिवरात्रि की तैयारियों को लेकर शहर के मंदिरों और शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। बिष्टुपुर में स्थापित इन ज्योतिर्लिंग प्रतिरूपों के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्तिमय वातावरण में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जहां नियमित रूप से पूजा, आरती और प्रसाद वितरण किया जा रहा है।
यहां स्थापित ज्योतिर्लिंगों में काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ धाम, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, रामेश्वरम, महाकालेश्वर, घृष्णेश्वर, सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, ओंकारेश्वर, केदारनाथ और भीमाशंकर के स्वरूप शामिल हैं। इन सभी को क्रमबद्ध और आकर्षक रूप से सजाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
संस्था की सदस्य प्रिया देवी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को आस्था से जोड़ना और नई पीढ़ी को 12 ज्योतिर्लिंगों के महत्व से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में स्थित इन पवित्र स्थलों तक हर कोई नहीं पहुंच पाता, ऐसे में इस प्रकार का आयोजन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि अपने ही शहर में सभी ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूपों के दर्शन कर वे स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। उनका मानना है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर 12 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता है और इस तरह के आयोजन से व्यस्त जीवन के बीच आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।
महाशिवरात्रि के नजदीक आते ही शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल और अधिक गहराता जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रही है।

