Breaking
Fri. Feb 13th, 2026

भक्ति ही भगवान की माया से मुक्ति का मार्ग: स्वामी सर्वानंद जी महाराज

जमशेदपुर। साकची स्थित श्री रामलीला मैदान में श्री रामलीला उत्सव ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री राम-कृष्ण मित्र मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को भक्तिरस की अविरल धारा बही। कथा व्यासपीठ से वृंदावन धाम से पधारे पूज्य संत श्री स्वामी सर्वानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की दिव्य महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।

अपने प्रवचन में स्वामी जी ने कहा कि यह संसार भगवान की माया से आच्छादित है और जीव उसी माया में उलझकर जन्म-मरण के चक्र में भटकता रहता है। उन्होंने शुकदेव जी के चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान की माया से केवल भक्ति के माध्यम से ही बचा जा सकता है। शुकदेव जी ने जन्म से ही वैराग्य और परमात्मा की भक्ति को अपनाया, इसलिए वे सांसारिक मोह-माया से अछूते रहे। स्वामी जी ने बताया कि शुकदेव जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि यदि मनुष्य सच्चे मन से भगवान का स्मरण और भक्ति करे तो माया उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।

कथा के दौरान उन्होंने महाभारत प्रसंग का उल्लेख करते हुए कौरव-पांडवों की कथा सुनाई और कहा कि धर्म और सत्य की रक्षा के लिए भगवान स्वयं साथ खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध अंततः सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान के यहां देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं होता। अंततः जीत सत्य की ही होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि जीवन में चाहे कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न आएं, सत्य और धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

स्वामी सर्वानंद जी महाराज ने विदुर चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान जात-पात या ऊंच-नीच नहीं देखते, वे केवल सच्चे प्रेम और भक्ति को स्वीकार करते हैं। विदुर जी का निष्कपट प्रेम ही उन्हें भगवान की विशेष कृपा का पात्र बनाता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति विदुर जी की तरह निष्काम भाव से भगवान को प्रेम करता है, भगवान उसे गले लगाते हैं और उसका कल्याण करते हैं।

कथा स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। पूरा पंडाल “राधे-राधे” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर कथा श्रवण करते रहे। कार्यक्रम में गोपी बाबू, सुभाष चंद्र शाह, डॉ. डीपी शुक्ला, शंकर लाल सिंघल, मगन पांडे, नीरज तिवारी, रोहित मिश्रा, जेके शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आयोजकों ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बनाने की अपील की गई।

Related Post