जमशेदपुर। देश के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल एक्सएलआरआइ–जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के इनक्यूबेशन सेंटर ‘एक्सीड’ और छात्र संगठन ‘नेक्सोरा’ द्वारा आयोजित ‘नेक्सकॉन 2026’ में स्टार्टअप और नवाचार का जोश चरम पर दिखा। टाटा ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य समिट में देशभर से 1500 से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जिनमें लगभग 1000 प्रतिभागी ऑफलाइन और 500 से अधिक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक ज्ञान को वास्तविक व्यावसायिक दुनिया से जोड़ना और युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन एक्सएलआरआइ के निदेशक फादर एस. जॉर्ज और एक्सीड के सीईओ प्रो. सुनील कुमार सारंगी ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के दौर में स्टार्टअप केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान का माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से नवाचार, जोखिम लेने की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि के रूप में नेस्टासिया की संस्थापक और एक्सएलआरआइ की पूर्व छात्रा अदिति मुरारका अग्रवाल ने अपनी उद्यमिता यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि शून्य से शुरुआत कर ब्रांड खड़ा करना आसान नहीं होता, लेकिन दृढ़ निश्चय, धैर्य और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति सफलता की कुंजी है। उन्होंने युवाओं को असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीखने की सलाह दी। वहीं उद्यमी और अभिनेता अरिजीत दत्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि रचनात्मकता और व्यावसायिक सोच का संतुलन ही किसी भी स्टार्टअप को अलग पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को पारंपरिक सोच से बाहर निकलकर नवाचार को अपनाना होगा।
कार्यक्रम का सबसे रोमांचक हिस्सा ‘शार्क टैंक’ की तर्ज पर आयोजित लाइव पिचिंग सत्र रहा। जनवरी 2026 में पंजीकृत 200 से अधिक स्टार्टअप्स में से कड़ी स्क्रीनिंग के बाद केवल चार स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने अपना बिजनेस मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इन स्टार्टअप्स में एक्सएल स्ट्राइड्स के श्यामल पटेल, योगिता बायोफार्मिंग के दीपक कुमार (आईआईटी खड़गपुर), लेबर लिंक के ओंकार और आशीर्वाद (बीआईटी सिंदरी) तथा हे-डू टेक के चैतन्य और मेघा शामिल रहे। प्रतिभागियों ने निवेशकों के तीखे सवालों का आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, जिससे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इसके अलावा प्रो. राहुल शुक्ला के संचालन में “जीरो टू वन: स्टार्टअप कैसे बनाएं और बढ़ाएं” विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में निवेशक डॉ. अरिजीत भट्टाचार्य, अमित कुमार तथा एचडीएफसी और यूको बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। पैनलिस्टों ने बताया कि निवेशक किसी भी स्टार्टअप में निवेश से पहले उसके बिजनेस मॉडल, स्केलेबिलिटी, टीम की क्षमता और बाजार की संभावनाओं का गहन मूल्यांकन करते हैं। स्टार्टअप बैंकिंग, फंडिंग की चुनौतियों और वित्तीय अनुशासन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैंक ऑफ बड़ौदा और वर्ल्ड लीडर समिट के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीनाथ यूनिवर्सिटी और बिप्स सरायकेला के छात्रों सहित विभिन्न संस्थानों के प्रोफेशनल्स की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। नेक्सकॉन 2026 ने यह संदेश दिया कि यदि सही मार्गदर्शन, मंच और संसाधन उपलब्ध हों तो छोटे शहरों के युवा भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें साकार कर सकते हैं। एक्सएलआरआइ का यह प्रयास न केवल नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि देश में उभरती उद्यमिता संस्कृति को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।

