जमशेदपुर। मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी सरगर्मी के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी द्वारा मेयर पद के लिए जेबा कादरी को समर्थन देने की घोषणा के तुरंत बाद संगठन में असंतोष फूट पड़ा और प्रदेश महासचिव बाबर खान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ ही जिला अध्यक्ष फखरुद्दीन अंसारी ने भी नाराजगी जताते हुए पद छोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि एआईएमआईएम ने न सिर्फ मेयर प्रत्याशी जेबा कादरी को समर्थन दिया है, बल्कि नगर निगम के कुछ वार्डों में पार्षद उम्मीदवारों को भी आधिकारिक समर्थन देने का निर्णय लिया है। इस फैसले को लेकर जिला इकाई ने आपत्ति जताई है। बाबर खान का आरोप है कि इतना महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लेने से पहले जिला नेतृत्व से कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया। उनका कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष को कम से कम जिला अध्यक्ष से सलाह लेनी चाहिए थी, क्योंकि स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की बेहतर समझ जिला संगठन को होती है।
फखरुद्दीन अंसारी ने भी इसी मुद्दे को लेकर नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि जिला इकाई को विश्वास में लिए बिना समर्थन की घोषणा करना संगठनात्मक मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि सामूहिक चर्चा होती तो पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सकती थी। दोनों नेताओं के इस्तीफे से एआईएमआईएम की स्थानीय इकाई में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है और कार्यकर्ताओं में भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
इधर, मानगो नगर निगम चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। कांग्रेस ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता को समर्थन दिया है, जिससे चुनावी समीकरण और रोचक हो गए हैं। वहीं भाजपा की ओर से वरिष्ठ नेता नीरज सिंह की पत्नी मेयर पद के लिए मैदान में हैं। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में जोरदार प्रचार अभियान चला रहे हैं और जनसभाओं का दौर भी तेज हो गया है।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एआईएमआईएम में हुए इस घटनाक्रम का असर चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है। मुस्लिम बहुल इलाकों में पार्टी की पकड़ को लेकर अब नए सिरे से समीकरण बन सकते हैं। वहीं भाजपा और कांग्रेस इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में लाने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
मानगो नगर निगम चुनाव का माहौल दिन-ब-दिन गरमाता जा रहा है। आरोप-प्रत्यारोप, समर्थन और इस्तीफों के बीच चुनावी तस्वीर लगातार बदल रही है। आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, जिससे यह चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।

