जमशेदपुर। हाल ही में बाबर खान द्वारा दिए गए कथित बयान “भगवा दफन होगा” को लेकर शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सवर्ण आर्मी और सनातन उत्सव समिति ने इस बयान को सनातन परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द पर सीधा आघात बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
सवर्ण आर्मी के संयोजक अप्पू तिवारी ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भगवा किसी एक दल या संगठन का प्रतीक नहीं, बल्कि यह भारत की सनातन संस्कृति, त्याग, तपस्या और राष्ट्रबोध का रंग है। ऐसे में इस तरह की भाषा का प्रयोग करोड़ों आस्थावानों की भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने कहा कि मेयर चुनाव जैसे संवेदनशील माहौल में इस प्रकार के बयान समाज को बांटने और तनाव बढ़ाने वाले हैं। अप्पू तिवारी ने प्रशासन से मांग की कि बाबर खान के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए उनसे सार्वजनिक माफी मंगवाई जाए।
वहीं सनातन उत्सव समिति के संस्थापक चिंटू सिंह ने भी बयान पर कड़ा एतराज़ जताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन यह स्वतंत्रता किसी समुदाय, आस्था या सांस्कृतिक प्रतीक के अपमान की अनुमति नहीं देती। उनके अनुसार चुनावी समय में इस तरह के वक्तव्य आदर्श आचार संहिता और संवैधानिक मूल्यों की भावना के विपरीत माने जा सकते हैं।
दोनों संगठनों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि ऐसे मामलों में विधिसम्मत संज्ञान लिया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति समाज में वैमनस्य फैलाने वाले बयान देने का दुस्साहस न कर सके और शहर में शांति व सौहार्द बना रहे।

