मुंबई।भोजपुरी सिनेमा के प्रमुख निर्माता रत्नाकर कुमार और निर्देशक पराग पाटिल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बाबू जी’ का ट्रेलर हाल ही में वर्ल्ड वाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया। रिलीज के कुछ ही घंटों में ट्रेलर ने लाखों व्यूज हासिल कर लिए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक व ट्विटर पर वायरल हो गया। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि यह ट्रेलर न केवल भावुक कर रहा है, बल्कि समाज की कड़वी सच्चाई को आईना दिखा रहा है। ट्रेलर को अब तक 5 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं, जबकि लाइक्स और शेयर्स की संख्या 50 हजार को पार कर गई है, जो भोजपुरी सिनेमा में हाल की रिलीज के मानकों से कहीं आगे है।फिलम की कहानी अमिताभ बच्चन अभिनीत बॉलीवुड क्लासिक ‘बागवान’ की याद दिलाती है, जहां माता-पिता के त्याग और बच्चों की संवेदनहीनता का चित्रण किया गया था। लेकिन ‘बाबू जी’ इस थीम को भोजपुरी संदर्भ में और गहराई से उकेरती है, जिसमें घटनाक्रम अधिक तीव्र और हृदयस्पर्शी हैं। यह फिल्म आज के आधुनिक समाज में बुजुर्ग माता-पिता के प्रति बढ़ती उदासीनता पर करारा प्रहार करती है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि एक बुजुर्ग दंपति को उनके ही संतानें घर से बेदखल कर सड़क पर छोड़ देती हैं। इस विपदा में मां की दर्दनाक मृत्यु हो जाती है, और पिता को अदालत की राह पकड़नी पड़ती है, जहां वह अपने ही बच्चों के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ता है। यह कथा महज काल्पनिक नहीं, बल्कि भारत के लाखों परिवारों की वास्तविकता को प्रतिबिंबित करती है, जहां वृद्धाश्रमों में अकेले बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भोजपुरी सिनेमा में सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्में जैसे ‘गंगा’ या ‘पॉवर’ सफल रहीं हैं, और ‘बाबू जी’ इसी परंपरा को मजबूत करने वाली लगती है।ट्रेलर की जान फूंक रहे हैं भोजपुरी के सुपरस्टार अवधेश मिश्रा, जिनकी दमदार अदाकारी ने दर्शकों को एक बार फिर मंत्रमुग्ध कर दिया है। अवधेश ने पहले ‘राजा जी’ और ‘देवरा भइलें ससुराल लवाल’ जैसी हिट फिल्मों में अपने बहुमुखी अभिनय से साबित किया है कि वे भावुक भूमिकाओं के भी उस्ताद हैं। यहां उनके चेहरे पर झलकता दर्द, गुस्सा और दृढ़ संकल्प फिल्म को अविस्मरणीय बनाता है। अभिनेत्री ऋचा दीक्षित भी मां के किरदार में अपनी संवेदनशील परफॉर्मेंस से प्रभावित करती हैं; उनकी पिछली फिल्म ‘दुल्हुनिया’ में भी भावनात्मक गहराई देखने को मिली थी। सहायक कलाकारों में अनिता रावत, देव सिंह, दीपिका सिंह, अमरीश सिंह, निशा गुप्ता, राकेश त्रिपाठी और बंधु खन्ना ने अपनी मौजूदगी से कहानी को और मजबूत किया है। राकेश त्रिपाठी ने ही फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी है, जो उनकी सामाजिक जागरूकता वाली लेखनी का नमूना है।निर्माता रत्नाकर कुमार, जिन्होंने भोजपुरी में दर्जनों सफल फिल्में जैसे ‘निरहुआ रिक्शावाला’ दी हैं, ने कहा, “ ‘बाबू जी’ सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक ऐसा संदेश है जो हर परिवार को अपने बुजुर्ग माता-पिता को बोझ न समझने की सीख देगा। हमने इस कहानी से समाज को झकझोरने का प्रयास किया है, ताकि रिश्ते मजबूत हों। दर्शक इसे देखकर न केवल भावुक होंगे, बल्कि अपने जीवन पर पुनर्विचार भी करेंगे।” निर्देशक पराग पाटिल ने जोड़ा, “हमारा मकसद दिल से दिल तक पहुंचने वाली सच्ची कहानी था। ट्रेलर को मिला अपार प्यार साबित करता है कि भोजपुरी दर्शक संवेदनशील कंटेंट को सराहते हैं।”फिल्म के तकनीकी पहलुओं में डीओपी आर आर प्रिंस की सिनेमेटोग्राफी सराहनीय है, जो भावनाओं को विजुअल्स से उभारती है। संगीतकार साजन मिश्रा ने कंपोज किया है, जबकि गीतों को सुगम सिंह और काजल राज ने गाया है। गीतकार दुर्गेश भट्ट व धरम हिंदुस्तानी के बोल सीधे दिल को छूते हैं। सह-निर्माता निवेदिता कुमार हैं, और पीआरओ रंजन सिन्हा ने प्रचार को प्रभावी बनाया। वर्ल्ड वाइड रिकॉर्ड्स के बैनर तले बनी यह फिल्म भोजपुरी थिएटर्स में मार्च 2026 तक रिलीज होने की उम्मीद है, जो दर्शकों के लिए एक यादगार भावनात्मक यात्रा साबित होगी।

