*बोकारो :* जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले के महुआटांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत गांगपुर गांव में हाथियों के पांच सदस्यीय झुंड ने बीते दो दिनों में पांच लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार देर रात गांगपुर गांव में हथियों ने अचानक हमला कर दो लोगों को कुचलकर मार डाला और चार अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मृतकों की पहचान सोमर साव (50) और उनके 9 वर्षीय पोते आयुष कुमार के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमर साव अपने पोते आयुष को गोद में लेकर घर की छत पर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक एक हथिनी ने उन पर हमला कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हथिनी ने दोनों को पटक-पटक कर कुचल दिया, जिससे मौके पर ही दादा-पोते की मौत हो गई।
इस हमले में इसी परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 11 वर्षीय राशि कुमारी, 6 वर्षीय आयुष कुमार, 9 वर्षीय राहुल कुमार और 50 वर्षीय शांति देवी शामिल हैं। सभी को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इनमें 9 वर्षीय राहुल कुमार की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें रामगढ़ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
इससे एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार सुबह गांगपुर से सटे पन्नू गांव में भी हाथियों के इसी झुंड ने भारी तबाही मचाई थी। वहां तीन बुजुर्ग ग्रामीण हाथियों के हमले में जान गंवा बैठे थे। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में जबरदस्त भय का माहौल है। विभाग की टीम हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन घनी आबादी और अंधेरे की वजह से अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, घायलों के बेहतर इलाज और हाथियों से सुरक्षा के लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल गांवों में पुलिस और वन विभाग की टीम तैनात कर दी गई है और लोगों को रात में घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है।

