चतरा : जिले में जंगली हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। चतरा सदर थाना क्षेत्र के पूंदरी मोड़ पर आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर मुख्य सड़क को जाम कर दिया। यह जाम करीब 8 घण्टे से लगी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों के हमले में आने से 26 जनवरी को महेंद्र भुइयां की मौत हो गई थी जबकि घायल विकास भुइयां की मौत हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हो गई। जबकि एक अन्य घायल कामेश्वर भुइयां की हालत गंभीर बताई जा रही है। हांथीयों का तांडव यहीं नहीं थमा हांथीयों ने सोनपुर गांव में करीब आधे दर्जन मवेशियों को भी मौत के घाट उतार दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के काफी समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक मुआवजे को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे पीड़ित परिवारों में गहरा रोष है। प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ मजबूरन ग्रामीणों को सड़क जाम का सहारा लेना पड़ा। सड़क जाम के कारण सिमरिया चतरा मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मृतक व्यक्ति के साथ मारे गए जानवरों का जल्द मुआवजा नहीं मिला और हाथियों के आतंक से निजात के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इधर पुलिस औऱ जिला प्रशासन के द्वारा जामकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया जा रहा है परन्तु आठ घण्टे बीत जाने के बाद भी ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुवे हैं औऱ जाम लगा हुआ है।

