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Wed. Feb 4th, 2026

टाटानगर स्टेशन री-डेवलपमेंट के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज, प्रभावित दुकानदारों ने यूनियन से लगाई गुहार

जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट कार्य के तहत स्टेशन के टीओपी गेट से लेकर किताडीह की ओर जाने वाली सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण हटाओ अभियान को तेज कर दिया गया है। इस अभियान के विभिन्न चरणों में अब तक कई दुकानों को तोड़ा जा चुका है। शुरुआती चरण में ही 16 दुकानों पर बुलडोजर चलने से वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों की रोजी-रोटी छिन गई है। अपनी समस्याओं को लेकर दुकानदार बुधवार को कोलकाता स्थित दक्षिण पूर्व रेलवे साउथ कॉलोनी पहुंचे, जहां उन्होंने साउथ ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के कार्यालय में यूनियन के जनरल सेक्रेटरी गौतम मुखर्जी से मुलाकात की। इस दौरान जमशेदपुर साउथ ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के ब्रांच सेक्रेटरी संजय सिंह और असिस्टेंट सेक्रेटरी एम.पी. गुप्ता भी मौजूद रहे।

दुकानदार दीपक अधिकारी ने यूनियन के जनरल सेक्रेटरी के समक्ष दुकानदारों की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए एक मांग पत्र सौंपा। दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले 50 से 60 वर्षों से इसी स्थान पर व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। लेकिन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जाने से वे आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं।

इस पर यूनियन के जनरल सेक्रेटरी गौतम मुखर्जी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यूनियन हर हाल में प्रभावित दुकानदारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पहले दुकानदारों के लिए उचित पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए, उसके बाद ही दुकानों को हटाया जाना चाहिए। इतने लंबे समय से दुकान चलाने वाले लोग आखिर कहां जाएंगे और उनके परिवारों का क्या होगा, यह प्रशासन को गंभीरता से सोचना चाहिए।

गौतम मुखर्जी ने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा से मुलाकात कर दुकानदारों के अधिकारों और पुनर्वास के मुद्दे पर ठोस बातचीत की जाएगी। यूनियन की ओर से यह मांग रखी जाएगी कि कुल 37 दुकानों के लिए समुचित और सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर रितेश घोषाल, योगेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य प्रभावित दुकानदार भी उपस्थित थे।

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