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Wed. Feb 4th, 2026

आईसीएसपीबी 2026 का जमशेदपुर में भव्य शुभारंभ, सतत स्टील निर्माण पर हुआ मंथन

जमशेदपुर। टाटा स्टील की ओर से सतत और भविष्यपरक स्टील निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन सिन्टरिंग, पेलेटाइजिंग एवं ब्रिकेटिंग (ICSPB) 2026 का गुरुवार को जमशेदपुर के अल्कोर होटल में शुभारंभ हुआ। यह दो दिवसीय प्रतिष्ठित सम्मेलन 29 और 30 जनवरी को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन टाटा स्टील द्वारा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स (IIM) जमशेदपुर चैप्टर और पेलेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PMAI) के सहयोग से किया गया है। सम्मेलन का उद्देश्य लौह अयस्क प्रसंस्करण से जुड़ी नवीन तकनीकों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श करना है।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि चैतन्य भानु, वाइस प्रेसिडेंट, टीएसजे ऑपरेशंस, टाटा स्टील एवं आईसीएसपीबी 2026 के चेयरमैन रहे। उन्होंने विधिवत सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ सुरजीत सिन्हा, चीफ एग्लोमरेट्स एंड आयरन, टीएसजे, टाटा स्टील (को-चेयरमैन आईसीएसपीबी 2026), पुनीत आर्य, प्रेसिडेंट, पीएमएआई तथा ब्रिगेडियर अरुण गांगुली, सेक्रेटरी जनरल, आईआईएम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

उद्घाटन के पश्चात मुख्य अतिथि चैतन्य भानु ने सम्मेलन स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जहां अत्याधुनिक तकनीकों, नवाचारों और औद्योगिक समाधानों को प्रदर्शित किया गया है। कार्यक्रम का समापन विपुल कोराने, टाटा स्टील एवं आईसीएसपीबी 2026 के कन्वीनर द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, सहभागियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

आईसीएसपीबी 2026 को लौह अयस्क तैयारी के क्षेत्र में नवाचार और सहयोग को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जो बीएफ-बीओएफ (ब्लास्ट फर्नेस–बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस) आधारित स्टील निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह हाइब्रिड सम्मेलन डिकार्बनाइजेशन, परिचालन दक्षता में सुधार और लागत में कमी जैसे विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो वैश्विक स्टील उद्योग के लिए आज के समय में बेहद प्रासंगिक हैं।

सम्मेलन के दौरान एग्लोमरेशन तकनीकों में प्रगति, उत्सर्जन में कमी के लिए सतत समाधान, बीएफ और डीआरआई पेलेट उत्पादन से जुड़ी चुनौतियां तथा अपशिष्ट उपयोग और ग्रीन स्टील उत्पादन के लिए ब्रिकेटिंग की नई संभावनाओं जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

इस सम्मेलन में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के आमंत्रित व्याख्यान, तकनीकी सत्र और विषय-आधारित चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। प्रतिभागियों के लिए एक विशेष आकर्षण बेंचमार्किंग सत्र और प्लांट विजिट भी है, जिसमें वास्तविक संयंत्र डेटा के माध्यम से आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

आईसीएसपीबी 2026 में टाटा स्टील, लुलेओ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, रियो टिंटो, स्विनबर्न यूनिवर्सिटी, एसएमएस इंडिया, एफएलएसमिड्थ, मेटल 7, फोस्बेल इंडिया, अशापुरा, रुंगटा माइंस, जेएसडब्ल्यू बेल्लारी, ईरिच, आरडीसीआईएस रांची, एनएमएल जमशेदपुर, जिंदल स्टेनलेस सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों व कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन से स्टील उद्योग में तकनीकी नवाचार और सतत विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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