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एक्सएलआरआइ की टीम सामर्थ्य ने शहर के 550 विद्यार्थियों को दिया करियर मार्गदर्शन

जमशेदपुर। एक्सएलआरआइ जमशेदपुर के ह्यूमन पोटेंशियल सेंटर ‘सामर्थ्य’ द्वारा बुधवार को ‘दिशा 2026’ के 13वें संस्करण का सफल आयोजन किया गया। इस करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में शहर के स्कूली विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और बदलते समय के अनुरूप सही करियर विकल्प चुनने में मार्गदर्शन देना था।

आयोजन को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के लिए कुल 680 से अधिक पंजीकरण हुए थे, जबकि 550 से ज्यादा विद्यार्थी और उनके अभिभावक प्रत्यक्ष रूप से मेले में शामिल हुए। इस अवसर पर जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के 40 से अधिक स्कूलों की सहभागिता रही। चिन्मया विद्यालय, डीएवी, लोयोला स्कूल, मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल, काशीडीह हाई स्कूल, डीबीएमएस सहित कई प्रमुख स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया और करियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

दिशा 2026 में 35 से अधिक करियर गाइडेंस स्टॉल लगाए गए थे, जहां विद्यार्थियों को मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, सशस्त्र बल, डेटा एनालिटिक्स, सोशल साइंसेज, क्रिएटिव आर्ट्स, खेल और सिविल सर्विसेज जैसे विविध करियर विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों और मार्गदर्शकों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में एक्सएलआरआइ के 230 से अधिक छात्र स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सक्रिय भागीदारी और समर्पण से आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रो. डॉ. गिरिधर रामचंद्रन का प्रेरक संबोधन रहा। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से करियर चुनते समय आत्म-ज्ञान, अपनी रुचियों की पहचान और बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने दीर्घकालिक सोच के साथ निर्णय लेने की सलाह दी, जिससे विद्यार्थी न केवल सफल बल्कि संतुष्ट जीवन की ओर बढ़ सकें।

सामर्थ्य द्वारा सालभर आयोजित की जाने वाली ऐसी पहलों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी क्षमताओं को पहचानना और उन्हें सही दिशा प्रदान करना है। ‘दिशा 2026’ ने एक बार फिर यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर ढंग से आकार दे सकते हैं।

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