जमशेदपुर। शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव गांधी के अपहरण की घटना को कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने अत्यंत गंभीर, चिंताजनक और दुखद करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे शहर के लिए गहरी चिंता का विषय है।
श्री दुबे ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को कैरव गांधी हाईवे पर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। बाद में घटनास्थल पर उनका वाहन लावारिस हालत में पाया गया, जिससे अपहरण की आशंका और भी प्रबल हो गई। मामले में उस समय सनसनी फैल गई जब अपहरणकर्ताओं ने इंडोनेशियाई मोबाइल नंबर के माध्यम से कैरव गांधी के परिवार से संपर्क कर 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। पुलिस ने इस कॉल से संबंधित कॉल डिटेल रिकॉर्ड जब्त कर ली है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में विशेष पुलिस दलों को तैनात किया है, जो लगातार छापेमारी कर रहे हैं। झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और हर संभावित पहलू से जांच की जा रही है।
आनंद बिहारी दुबे ने झारखंड सरकार और पुलिस प्रशासन की सक्रियता व तत्परता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर स्तर पर उन्हें सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि कैरव गांधी सुरक्षित अपने परिवार के बीच जल्द लौटें और दोषियों को कठोर सजा मिले।

